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चार दोस्त की कहानी। Four friends story #trending #motivation #story . . . . . . . . . 🎬 चार बेरोजगार दोस्त इंटरव्यू से सफलता तक कभी आपने सोचा है… कि जिंदगी में सबसे ज्यादा दर्द किस चीज का होता है? गरीबी का? नाकामयाबी का? या लोगों के तानों का? असल में… सबसे ज्यादा दर्द उस वक्त होता है जब इंसान मेहनत करता है लेकिन फिर भी उसे कोई मौका नहीं मिलता। आज की कहानी चार ऐसे दोस्तों की है जो पढ़े-लिखे थे मेहनती थे लेकिन फिर भी बेरोजगार थे। लोग उन्हें निकम्मा कहते थे पर उन्हें खुद पर भरोसा था। और एक दिन… एक इंटरव्यू उनकी पूरी जिंदगी बदल देता है। चार दोस्त उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर में चार दोस्त रहते थे। उनके नाम थे आरव समीर इमरान और रोहित। चारों बचपन से साथ थे। स्कूल साथ कॉलेज साथ सपने भी साथ। कॉलेज खत्म होने के बाद चारों ने सोचा था कि जिंदगी जल्दी बदल जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दो साल बीत गए। और चारों… बेरोजगार थे। जिंदगी की सच्चाई आरव के पिता किसान थे। उन्होंने बेटे को पढ़ाने के लिए कर्ज लिया था। हर दिन पिता पूछते थे “बेटा नौकरी मिली?” और हर दिन आरव चुप हो जाता था। समीर के घर की हालत भी अच्छी नहीं थी। उसकी माँ सिलाई का काम करती थी। वह अक्सर कहती “बेटा जल्दी नौकरी कर लो घर का खर्च बढ़ता जा रहा है।” इमरान के घर में तीन छोटे भाई-बहन थे। पूरा परिवार उसी से उम्मीद करता था। और रोहित… वह तो सबसे ज्यादा परेशान था। क्योंकि उसके घर वाले अब उसे नाकाम समझने लगे थे। चाय की दुकान एक शाम चारों दोस्त शहर की पुरानी चाय की दुकान पर बैठे थे। यह वही जगह थी जहाँ वे कॉलेज के दिनों में सपनों की बातें करते थे। लेकिन आज… माहौल अलग था। रोहित बोला “यार… जिंदगी ऐसे ही निकल जाएगी क्या?” समीर बोला “लगता है पढ़ाई बेकार चली गई।” इमरान ने धीरे से कहा “शायद किस्मत ही खराब है।” तभी… आरव अचानक बोला “किस्मत खराब नहीं है… हमारी कोशिश कम है।” तीनों दोस्त उसकी तरफ देखने लगे। मौका तभी समीर की नजर सामने लगे एक पोस्टर पर गई। उस पर लिखा था “एक कंपनी में नौकरी का मौका कल इंटरव्यू” चारों दोस्तों ने पोस्टर पढ़ा। रोहित बोला “चलो कोशिश करते हैं।” इमरान बोला “वैसे भी हमारे पास खोने के लिए क्या है?” चारों ने फैसला किया कल इंटरव्यू देंगे। इंटरव्यू का दिन अगले दिन सुबह… चारों दोस्त जल्दी उठे। साफ कपड़े पहने। और इंटरव्यू देने निकल पड़े। जब वे वहाँ पहुँचे तो उनके होश उड़ गए। सैकड़ों लोग लाइन में खड़े थे। किसी के पास बड़ी डिग्री थी किसी के पास अनुभव। चारों दोस्त थोड़े डर गए। लेकिन फिर आरव बोला “हम यहाँ तक आ गए हैं अब पीछे नहीं हटेंगे।” पहला इंटरव्यू सबसे पहले आरव को बुलाया गया। इंटरव्यूअर ने पूछा “अगर आपको यह नौकरी नहीं मिली तो आप क्या करेंगे?” आरव ने कुछ सेकंड सोचा। फिर बोला “सर… अगर नौकरी नहीं मिली तो मैं सीखना नहीं छोड़ूँगा। क्योंकि असली हार कोशिश छोड़ने से होती है।” इंटरव्यूअर एक-दूसरे को देखने लगे। बाकी इंटरव्यू फिर समीर गया। उससे पूछा गया “आपकी सबसे बड़ी ताकत क्या है?” समीर बोला “मेरे दोस्त। क्योंकि जब हम चारों साथ होते हैं तो मुश्किल आसान हो जाती है।” फिर इमरान गया। उसने कहा “मेरे घर की गरीबी ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। क्योंकि मैं हार नहीं मान सकता।” और आखिर में रोहित गया। उसने कहा “मैं गिरने से नहीं डरता मैं कोशिश न करने से डरता हूँ।” रिजल्ट कुछ देर बाद मैनेजर बाहर आया। और बोला “हमने फैसला किया है… हम चारों को नौकरी देंगे।” चारों दोस्त हैरान रह गए। मैनेजर मुस्कुराया “क्योंकि आपने हमें एक चीज दिखाई है… टीमवर्क।” नई शुरुआत नौकरी मिल गई थी। लेकिन असली संघर्ष अब शुरू हुआ। लंबे घंटे काम कम सैलरी बहुत प्रेशर। कई बार उन्हें लगता था नौकरी छोड़ दें। लेकिन फिर उन्हें चाय की दुकान वाला दिन याद आता। और वे फिर मेहनत करने लगते। बड़ा सपना एक दिन रात को चारों दोस्त फिर उसी चाय की दुकान पर मिले। आरव बोला “क्या हम जिंदगी भर नौकरी करेंगे?” समीर बोला “तो क्या करें?” आरव बोला “क्यों न हम अपना बिजनेस शुरू करें?” तीनों दोस्त चौंक गए। लेकिन कुछ देर बाद रोहित मुस्कुराया। और बोला “अगर चार दोस्त साथ हों तो कुछ भी संभव है।” सबसे बड़ा जोखिम चारों दोस्तों ने अपनी छोटी-छोटी बचत जोड़ी। कुल मिलाकर सिर्फ 80,000 रुपये थे। उसी पैसे से उन्होंने एक छोटा सा ऑनलाइन काम शुरू किया। शुरुआत बहुत मुश्किल थी। पहले महीने कोई ग्राहक नहीं मिला। दूसरे महीने भी नुकसान हुआ। तीसरे महीने तो हालत इतनी खराब हो गई कि वे लगभग हार मानने वाले थे। एक दिन उन्हें एक बड़ा ऑर्डर मिला। उन्होंने पूरी मेहनत से काम किया। ग्राहक बहुत खुश हुआ। और उसने उन्हें कई और प्रोजेक्ट दे दिए। धीरे-धीरे उनका काम बढ़ने लगा। सफलता दो साल बाद… वही चार बेरोजगार दोस्त अब एक सफल कंपनी चला रहे थे। उनके साथ कई लोग काम कर रहे थे। और एक दिन… वे फिर उसी चाय की दुकान पर बैठे थे। जहाँ कभी वे बेरोजगारी की बात करते थे। रोहित मुस्कुराया और बोला “याद है… यहीं से सब शुरू हुआ था। दोस्तों… जिंदगी में हारना बुरा नहीं होता। कोशिश छोड़ देना बुरा होता है। अगर आपके पास सही दोस्त सही सोच और मेहनत करने का जज्बा है… तो आप भी अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। #tranding #motivation #story #viral #viralvideos #trendingvideo