У нас вы можете посмотреть бесплатно india fight vs pakistan after pahalgam attack Short Movie | india vs Pakistan War или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
आपसे ह्रदय से निवेदन हे की इसे ज़्यादा से ज़्यादा share करे !! जय हिंद ! 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 New Video :- • Видео कैप्टन कालिया याद हैं ? 22 दिन तक टॉर्चर करने के बाद पाकिस्तान ने उनका शव हिंदुस्तान को लौटाया था, शरीर की एक भी हड्डी सलामत नहीं थी, एक आंख शरीर से बाहर लटक रही थी। नचिकेता सात दिन बाद जिंदा तो आ गए थे, लेकिन उनके पूरे बदन पर सिगरेट से दागे जाने के निशान मौजूद थे । यह हाल तब था जबकि करगिल युद्ध के दौरान भारत सरकार ने यह घोषणा कर रखी थी कि हिंदुस्तान की सेनाएं लाइन ऑफ कंट्रोल को पार नहीं करेंगी। जेनेवा वाली संधि तब भी थी, पाकिस्तान ने घोषणा कर रखा था कि करगिल में उसकी सेनाएं लड़ ही नहीं रही है, लेकिन इसके बावजूद हम ना ही पाकिस्तान को स्वयं सजा दे पाए और ना ही अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उसे मजबूर किया जा सका। हां अटल बिहारी बाजपेई के मजबूत इरादों और देश के सिपाहियों की कुर्बानीओं की बदौलत हमने अंततः अपनी जमीन पा लिया । इस बार हमलावर हम थे, हमने केवल लाइन ऑफ कंट्रोल ही पार नहीं किया था बल्कि कश्मीर की परिधि से भी बाहर निकल कर पाकिस्तान के अंदर गए थे। उनके एक ड्रोन को मार गिराया था, उनके एक बेहतरीन फाइटर प्लेन को भी मार गिराया था । इतना सब कुछ होने के बाद भी पाकिस्तान हमारे विंग कमांडर को दामाद की तरह चाय पिलाकर दुनिया के सामने यह दिखाने का प्रयास कर रहा था कि हमने विंग कमांडर के साथ कितना अच्छा व्यवहार किया गया है । इसलिए यह विचारणीय है कि दोनो परिस्थितियों में अंतर कहा था ? पाकिस्तान इस बार 24 घंटे के अंदर हमारे पायलट को बाइज्जत हिंदुस्तान भेजने को तैयार हो गया। वह भी तब जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बार बार आग्रह करने के बावजूद भारत के प्रधानमंत्री उनसे फोन पर भी बात करने को तैयार नहीं हुए। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि हिंदुस्तान ने दुश्मन के दिल में अपना खौफ पैदा कर दिया था, क्योंकि इस बार की लड़ाई में पहला थप्पड़ हमने मारा था । यह खौफ संयुक्त रूप से भारत के राजनीतिक नेतृत्व और भारत की सेनाओं का था । जिन दल्लों को लगता है कि पाकिस्तान सराहना के काबिल है, वह कैप्टन कालिया और नचिकेता जैसे वीरों की अनदेखी कर उरी में सोये हुए भारतीय जवानों को जिन्दा जलाये जाने तथा पुलवामा में हमारे जवानों के चिथड़े उड़ाये जाने के लिये जिम्मेदार पाकिस्तान की सराहना करें, मोदी विरोध करने के लिए अगर कुछ लोग देश विरोध करने पर भी उतारू हो जाएं तो हों, लेकिन इस देश की 70% आबादी यह जानती है कि मोदी है इसलिये यह मुमकिन हो सका। अब तो एक ही नारा है । #abhinandan #indianairforce #indianarmy #desiunplugged #narendramodi #abhinandanvarthaman #मोदी है तो #मुमकिन है । #जय मोदी #तय मोदी । #NamoAgain