У нас вы можете посмотреть бесплатно 34 ipc in hindi | धारा 34 आईपीसी | सामान्य आशय | common intention или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
दोस्तो स्वागत है हमारे चेनल हिन्दी कानूनी जानकारी (hindi kanuni jankari) में about this video धारा 34 आईपीसी (IPC Section 34 in Hindi) - सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य धारा 34 का विवरण भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के अनुसार, जब एक आपराधिक कृत्य सभी व्यक्तियों ने सामान्य इरादे से किया हो, तो प्रत्येक व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए जिम्मेदार होता है जैसे कि अपराध उसके अकेले के द्वारा ही किया गया हो। धारा 34 आई. पी. सी. (सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 34 में किसी अपराध की सजा का का प्रावधान नहीं दिया गया है, बल्कि इस धारा में एक ऐसे अपराध के बारे में बताया गया है, जो किसी अन्य अपराध के साथ किया गया हो। कभी किसी भी आरोपी पर उसके द्वारा किये गए किसी भी अपराध में केवल एक ही धारा 34 का प्रयोग नहीं हो सकता है, यदि किसी आरोपी पर धारा 34 लगाई गयी है, तो उस व्यक्ति पर धारा 34 के साथ कोई अन्य अपराध की धारा अवश्य ही लगाई गयी होगी। भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के अनुसार यदि किसी आपराधिक कार्य को एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा उन सभी के सामान्य आशय को अग्रसर बनाने में किया जाता है, ऐसे अपराध में सभी अपराधियों के इरादे एक सामान होते हैं, और वे अपने कार्य को अंजाम देने के लिए पहले से ही आपस में उचित प्लान बना चुके हों, तो ऐसे व्यक्तियों में से हर एक व्यक्ति उस आपराधिक कार्य को करने के लिए सभी लोगों के साथ अपना दायित्व निभाता है, तो ऐसी स्तिथि में अपराध में शामिल प्रत्येक व्यक्ति सजा का कुछ इस प्रकार हक़दार होता है, मानो वह कार्य अकेले उसी व्यक्ति ने किया हो। SECTION 34 IPC - Indian Penal Code - Acts done by several persons in furtherance of common intention - Description of IPC Section 34 According to section 34 of Indian penal code, When a criminal act is done by several persons in furtherance of the common intention of all, each of such persons is liable for that act in the same manner as if it were done by him alone.