У нас вы можете посмотреть бесплатно यूपी में पथरीली जमीन पर लहलहा रही हैं विदेशी सब्जियां, नई सोच की नई पहल или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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मौसम के अप्रत्याशित मिजाज से परेशान किसान ने अपनी परंपरागत फसलों को छोड़कर नियंत्रित वातावरण में पैदा करने वाली फसलों की तरफ मुड़ रहा है । इसके चलते किसान का झुकाव अब सरकार की तरफ से प्रोत्साहित की जा रहे प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन पर गया है जिसमें पॉली हाउस और नेट हाउस में वह उत्पादन कर रहा है। प्रयागराज के किसान जिज्ञासु मिश्रा इसे अपनाकर किसानों के लिए रोल मॉडल साबित हुए हैं। जिज्ञासु मिश्रा बताते हैं कि उन्होंने उद्यान विभाग की मदद से 4 पॉली हाउस और एक नेट हाउस बनाया है। इन पॉली हाउस में उन्होंने उन विदेशी सब्जियों को उगाना शुरू किया है जिनकी होटल और फूड इंडस्ट्री में अच्छी मांग है। कई देशों में ऑयल कंपनी में नौकरी करने के बाद अपनी जॉब छोड़कर अपने घर प्रयागराज वापस लौटे प्रयागराज के जिज्ञासु मिश्रा ने उद्यान विभाग से मदद लेकर प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन शुरू की । उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत 50 फीसदी की सब्सिडी से चार पॉलीहाउस बनाए। फ्लोरीकल्चर से शुरुआत करने के बाद उन्होंने इन पॉली हाउस में लेट्यूस, जुकीनी ,पार्सले और पार्सले जैसी इंग्लिश सब्जियां उगानी शुरू की। इन इंग्लिश सब्जियों को वह प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ के पांच सितारा होटल्स में सप्लाई कर रहे हैं। प्रयागराज के जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्री वास्तव का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे रही है और प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन प्रोत्साहित कर पॉली हाउस और नेट हाउस में बागवानी और खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इससे जिज्ञासु मिश्रा जैसे जागरूक किसानों को देखकर स्थानीय अन्य किसानों ने भी प्रोटेक्टेड कल्टीवेशन की शुरुआत की है। देश में स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता , बदलती लाइफस्टाइल और ग्लोबल फूड ट्रेंड की वजह से धीरे-धीरे लोगों की फूड हैबिट बदल रही है। डायबिटीज़, मोटापा, हार्ट डिज़ीज़ जैसी समस्याओं के कारण लोग अब डाइट-फ्रेंडली सब्ज़ियाँ चुन रहे हैं। शहरी भारत में लोग अब सलाद, सूप, पास्ता, स्टर-फ्राय जैसे हल्के और जल्दी बनने वाले भोजन को पसंद कर रहे हैं। वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं में क्विक-कुक और हेल्दी फूड की मांग बढ़ी है। इस जरूरतों ने अब फूड डाइट्स में इंग्लिश सब्जियों को जगह प्रदान कर दी है।