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In this video, we explain Bholi – Chapter 4 (Part 2) in a simple and clear way. This lesson is specially designed for NIOS Board students (English 302), Senior Secondary, Class 12. In this part of the story, you will learn about: • Bholi’s marriage scene • The groom Bishamber Nath’s demand for dowry • How the wedding is stopped • Bholi’s brave decision • The importance of self-respect and education • The moral message of the story This video is very helpful for exam preparation because it includes: ✔ Easy explanation ✔ Important events ✔ Moral values ✔ Exam-oriented points 📚 Topic: Bholi – Chapter 4 (Part 2) 🎓 Subject: English 302 🏫 Board: NIOS 📖 Class: 12 (Senior Secondary) 🗣 Language: Hindi Explanation If you find this video useful, please Like, Share and Subscribe to the channel. Stay connected for more NIOS Class 12 lessons and explanations. Bholi – Chapter 4 (Part 2) : हिंदी व्याख्या इस भाग में भोली के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ दिखाया गया है – उसकी शादी और आत्मसम्मान की जीत। कहानी का सार भोली बड़ी हो चुकी थी और उसके माता-पिता उसकी शादी को लेकर चिंतित थे। उसके चेहरे पर दाग थे और वह हकलाती थी, इसलिए कोई अच्छा रिश्ता नहीं मिल रहा था। तभी एक बूढ़ा, लालची आदमी बिशम्बर नाथ शादी का प्रस्ताव लेकर आया। वह दहेज चाहता था। भोली के पिता गरीब थे, लेकिन समाज के डर से और बेटी के भविष्य की चिंता में वे शादी के लिए तैयार हो गए। शादी के दिन सब कुछ ठीक चल रहा था। जब फेरों का समय आया और दूल्हे ने भोली का चेहरा देखा, तो वह पीछे हट गया और बोला कि वह तभी शादी करेगा जब उसे और दहेज मिलेगा। भोली के पिता बहुत शर्मिंदा हो गए। वे गरीब थे और उनके पास देने के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने रोते हुए भोली से शादी के लिए मना लिया, ताकि समाज में उनकी इज़्ज़त बच जाए। भोली का साहसिक फैसला यहीं पर कहानी का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ आता है। अब तक भोली डरपोक और चुप रहने वाली लड़की थी, लेकिन इस अपमान ने उसमें साहस भर दिया। भोली ने साफ शब्दों में कहा कि वह इस लालची आदमी से शादी नहीं करेगी। उसने कहा कि वह अपनी पूरी ज़िंदगी ऐसे आदमी के साथ नहीं बिताएगी जो इंसानों की तरह नहीं, बल्कि सामान की तरह उसका सौदा कर रहा है। यह सुनकर सब लोग हैरान रह गए। उसके माता-पिता, रिश्तेदार और गाँव वाले – सभी को उम्मीद नहीं थी कि भोली ऐसा बोल पाएगी। कहानी का संदेश आत्मसम्मान सबसे बड़ा धन है भोली ने दिखा दिया कि इज़्ज़त किसी भी शादी या समाज से ज्यादा जरूरी है। शिक्षा इंसान को साहस देती है उसकी टीचर ने उसे बोलना और आत्मविश्वास सिखाया, जिससे वह गलत के खिलाफ खड़ी हो सकी। दहेज एक बुरी प्रथा है लेखक ने दहेज प्रथा और लालची लोगों की मानसिकता की कड़ी आलोचना की है। कमज़ोर समझी जाने वाली लड़की भी मजबूत हो सकती है भोली का किरदार दिखाता है कि हालात और सही मार्गदर्शन इंसान को बदल सकते हैं।