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SC-ST-OBC Sangharsh Samiti held a rally in support of UGC. राजस्थान के बूंदी से खास खबर... उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले यूजीसी के नए विनियम 2026 के समर्थन में एससी-एसटी-ओबीसी संघर्ष समिति ने जोरदार रैली निकाली। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए समिति ने इन नियमों को सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। बूंदी में एससी-एसटी-ओबीसी संघर्ष समिति के पदाधिकारी गुरुवार को आजाद पार्क में एकत्रित हुए। यहां से प्रदर्शनकारी हाथों में नारे लिखी तख्तियां और तिरंगा ध्वज लेकर दो-दो की कतार में नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य बाजारों से निकले। रैली जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने से पहले प्रदर्शनकारियों ने इसे पढ़कर सुनाया। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा 14 जनवरी 2026 को अधिसूचित “उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले विनियम, 2026” देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में निष्पक्ष, समावेशी और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन विनियमों का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा में समानता सुनिश्चित करना और जाति, लिंग, दिव्यांगता, धर्म या जन्मस्थान के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। नए नियमों के तहत हर उच्च शिक्षा संस्थान में “समान अवसर केंद्र” स्थापित करना अनिवार्य किया गया है। यह केंद्र वंचित वर्गों के छात्रों और कर्मचारियों को शैक्षणिक सहायता, परामर्श, करियर मार्गदर्शन, अधिकारों की जानकारी प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक संस्थान में “समानता समिति” का गठन किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन और महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा। विनियमों में 24×7 समानता हेल्पलाइन, समानता दूत और विभागों व छात्रावासों में सहायता तंत्र की व्यवस्था का प्रावधान है। शिकायतें गोपनीय रूप से दर्ज की जा सकेंगी और तय समय सीमा में उनका निपटारा किया जाएगा। संस्थानों को नियमित रूप से यूजीसी को रिपोर्ट देनी होगी। एक राष्ट्रीय निगरानी समिति क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी। नियमों का पालन न करने पर वित्तीय सहायता रोकी जा सकती है, डिग्री देने का अधिकार छीना जा सकता है, मान्यता समाप्त की जा सकती है, सामाजिक न्याय की दिशा में कदम, संघर्ष समिति ने कहा कि भारतीय संदर्भ में ये विनियम बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि लंबे समय से वंचित वर्गों के छात्र उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव का सामना करते रहे हैं। इन नियमों से समावेशी, सुरक्षित और गरिमापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा। समिति ने विश्वास जताया कि सही क्रियान्वयन और जागरूकता के साथ ये विनियम उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेंगे। इस दौरान आनन्दी लाल मीणा, जमना लाल, महावीर, बृजमोहन मीणा, भेरू लाल रेगर, प्रेम शंकर बैरवा, लक्ष्मण बैरवा, बाबूलाल वर्मा, ओम तंबोली सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। #UGC2026, #HigherEducation, #EqualityInEducation, #SCSTOBC, #SocialJustice, #InclusiveCampus, #EqualOpportunityCentre, #BundiNews, #RajasthanNews, #EducationReforms, #NEP2020, #AntiDiscrimination, #StudentRights, #Citynewsrajasthan,