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संजय वन दिल्ली की भूतिया कहानी | Sanjay Van Delhi Haunted Story in Hindi | Horror Places in Delhi | संजय वन दिल्ली को भूतिया जगह क्यों मानते हैं? वैसे तो भारत की राजधानी दिल्ली में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, लेकिन दिल्ली में घूमने के लिए हरियाली वाली जगह कम ही रह गई है लेकिन संजय वन दिल्ली को देखकर आपका नजरिया बदल सकता है क्योंकि दक्षिणी दिल्ली भले ही घने जंगल वाला ना हो लेकिन लगभग 800 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है यह वसंत कुंज और महरौली के साथ सीमा से लगा हुआ है इसमें आने जाने के लिए तीन गेट है यहां पर कोई फीस नहीं लगती है सुबह शाम यहां पर बच्चे आते हैं आसपास के रहने वाले लोग मॉर्निंग वॉक करने आते हैं संजय वन में नीलगाय, सुनहरी सियार, सांप जैसे कई जानवर भी है पक्षी प्रेमी भी यहां पर आते हैं यहां मोर, ग्रे बगुला, यूरेशियन गोल्डन ओरिओल, हनी बजर् पर्पल सनबर् एशियन कोय ब्राह्मणी स्टर्लिंग जैसे विभिन्न तरह के पक्षी देखने को मिलते हैं। इसे दिल्ली मिनी पक्षी अभ्यारण कहा जाता है। संजय वन खुलने का एक वक्त मुकर्रर है सुबह 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक रविवार छुट्टी के दिन यह पूरे समय खुला रहता लेकिन रात आठ बजे के बाद बंद हो जाता है। संजय वन में संजय झील में नौका विहार भी किया जाता है। ये तो संजय वन के उस हिस्से की बात हुई जिसे सभी जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि संजय वन को दिल्ली में भूतिया जगहों में से एक माना जाता है दिल्ली में संजय वन की एक और कहानी भी है ऐसा माना जाता है कि जंगल में सूफी संतों की कब्रें बनी हुई हैं। ये किला राय पिथौरा की टूटी हुई प्राचीर यानी दीवार भी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें हमेशा अपने आसपास की किसी चीज की मौजूदगी का एहसास होता है कुछ लोगों का यह भी दावा है कि जब वे जंगल में अकेले होते हैं तो उन्होंने हंसी और रोने की आवाजें भी सुनाई देती है। कुछ लोगों का मानना है कि वहां रात को बच्चों के रोने की आवाज आती है। संजय वन में पांच दरवाजे भी है पहला जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पास- दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में है, दूसरा गोरखनाथ मंदिर के पास तीसरा दरवाजा रॉकलैंड अस्पताल के पास है वहां से यात्रा लगभग एक दशमलव 70 किलोमीटर है, चौथी गेट से यात्रा लगभग तीन दशमलव 170 किलोमीटर है, पांचवा गेट टीबी हॉस्पिटल के पास है। संजय वन में वॉच टावर भी है जिससे पूरे जंगल की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है। यहां पक्षियों को देखने और आसपास की सुंदरता का आनंद लेने के लिए अच्छा है वहां से बर्ड वॉचिंग का मजा लिया जा सकता है। जंगल के चारों और खूबसूरत झीले और तालाब है जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। मयूर पहाड़ी संजय वन में गेट नंबर तीन से लगभग 200 से 300 मीटर की दूरी पर मयूर पहाड़ी नाम की एक जगह है वहां पर अक्सर लोग पिकनिक मनाने और फोटो क्लिक करने के लिए आते हैं वहां रॉक क्लाइंबिंग का भी आनंद लिया जा सकता है वहां कई तरह की चट्टाने है। महरौली चिकित्सा वन जंगल में अनेक प्रकार के औषधीय पौधे भी है, गेट नंबर चार के पास है जो कुतुब कुतुब मीनार के पास है महरौली मेडिकल फॉरेस्ट पॉइंट दो तरह से जाता है एक जंगल के मध्य जंक्शन की और दूसरा टीबी हॉस्पिटल के मुख्य चौराहे की ओर है। संजय वन में नेचर का आनंद लेने के लिए साइकिलिंग भी की जा सकती है। संजय वन में सुबह से लेकर शाम तक बहुत चहल-पहल रहती है लेकिन उसके बाद रात आठ बजे के बाद उसे बंद कर दिया जाता है और उस पर पहरा लगा दिया जाता है फिर वहां या उसके आसपास किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं होती है अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो अभी तक पता नहीं लगाया जा सका है, लेकिन अगर आप संजय वन घूमने जाना चाहते है तो रात को कभी ना जाए। #delhi #horrorstories #haunted