У нас вы можете посмотреть бесплатно “Sapne Dekhne Wale Nahi, Karne Wale Bano” पढ़ाई में मन नहीं लगता है 📗 или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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Ye video un logon ke liye hai jo bolte hain kal se padhunga. Kal nahi hota, sirf Aaj hota hai. Agar tum bhi apna future badalna chahte ho, to is video ko end tak dekho. #motivation #study #successमुझे नहीं पता कि इस वक्त किस इंसान के पास कितना समय बचा हुआ है। पूरा साल आपने क्या किया, और आज आप किस हालत में खड़े हो — ये बात आप खुद सबसे बेहतर जानते हो। चाहे आपने साल भर मेहनत की हो या फिर कुछ खास ना किया हो, एक सच्चाई से कोई नहीं बच सकता — हर इंसान को अपने कर्मों का परिणाम जरूर मिलता है। जब तैयारी की शुरुआत होती है, तो हम खुद को बार-बार बहाने देते हैं। कभी कहते हैं — अभी तो पूरा साल पड़ा है। फिर कहते हैं — 8–9 महीने तो हैं। फिर लगता है — अभी तो 5 महीने बाकी हैं। फिर 3 महीने रह जाते हैं। और फिर अचानक बोलते हैं — यार अब तो सिर्फ एक महीना बचा है, चलो कोई बात नहीं। फिर वही एक महीना 10 दिन में बदल जाता है। 10 दिन 2 दिन बन जाते हैं। और एक दिन ऐसा आता है जब अगले ही दिन आपकी परीक्षा होती है। यही एक ऐसा चक्र है जो स्कूल टाइम से शुरू होता है और पढ़ाई के बाद भी ज़िंदगी के हर हिस्से में चलता रहता है। लेकिन अब जो समय निकल चुका है, उस पर बात करने से कोई फायदा नहीं है। आज असली सवाल ये है — अगर अभी भी आपके पास थोड़ा सा समय बचा है, तो क्या आप उसे पूरी ईमानदारी से इस्तेमाल करोगे? अगर जवाब हाँ है, तो उन बचे हुए दिनों में खुद को पूरी ताकत के साथ झोंक दो। मैंने अपने समय में एक बात साफ देखी थी — अगर परीक्षा से पहले सिर्फ 10 दिन भी बचे हों, और परीक्षा के बीच कुछ खाली दिन मिल जाएँ, तो जो छात्र उन दिनों में दिल-दिमाग लगाकर पढ़ लेता है, वो भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। लेकिन शर्त एक ही है — बचे हुए समय में अपना पूरा 100% देना होगा। हो सकता है आप लकी हों और आपके पास इससे भी ज़्यादा समय हो। या फिर आपकी परीक्षाएँ चल ही रही हों। तो अगर आपके पास अभी भी समय है, तो उस समय को एक खास तरीके से जियो। ठीक वैसे ही जैसे भगवान श्रीराम ने वनवास का समय जिया था। इसका मतलब ये नहीं कि जंगल चले जाओ, मतलब ये है कि कुछ दिनों के लिए आराम और ऐश की ज़िंदगी