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ऑल इंडिया SC/ST रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन विवाद, मिलिंद अवाड SC/ST एसोसिएशन का पक्ष मजबूत, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी को मामले के निस्तारण की छूट, 1959 से अब तक नहीं मिला था मूल सर्टिफिकेट, डुप्लीकेट की मांग पर कानूनी मुहर, विपक्षी खेमे को झटका,फर्जी SC/ST एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक कुमार की याचिका पर कोर्ट ने नहीं दी कोई राहत, हमारे चेनल SR NEWS24 LIVE के रेलवे संवाददाता नई दिल्ली से अर्जुन कुमार ने अपनी ग्राउंड रिपोर्टिंग विश्लेषण में मिलिंद अवॉर्ड, SC/ST एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलिंद अवॉर्ड से चर्चा करके बताया कि भारतीय रेलवे के सबसे बड़े संगठनों में से एक, 'ऑल इंडिया शेड्यूल्ड कास्ट्स एवं शेड्यूल्ड ट्राइब्स रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन' (S-1517) के नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद ,अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, दिल्ली हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद, CEC अध्यक्ष मिलिंद वी. अवाड ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी के सामने अपना दावा और मेमोरेंडम पेश किया, सबसे बड़ी खबर यह है कि कोर्ट ने विपक्षी खेमे की दखलअंदाजी को किसी भी तरह की कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया है, राजधानी दिल्ली में आज ऑल इंडिया एससी/एसटी रेलवे एम्प्लॉइज एसोसिएशन के मुख्यालय में हलचल तेज रही, मामला संस्था के 'डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट' का है, एसोसिएशन के अध्यक्ष मिलिंद अवाड ने आज दरियागंज स्थित रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी (RoS) के समक्ष एक विस्तृत मेमोरेंडम प्रस्तुत किया, यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें कोर्ट ने याचिका संख्या W.P.(C) 18001/2025 पर सुनवाई करते हुए मामला वापस रजिस्ट्रार के पाले में डाल दिया, गौर करने वाली बात यह है कि फर्जी SC/ST एसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री अशोक कुमार द्वारा दायर हस्तक्षेप याचिका (CM 718/2026) को कोर्ट ने न तो स्वीकार किया और न ही उन्हें कोई राहत दी, मुख्य कानूनी बिंदु जो मिलिंद अवाड के पक्ष में जाते हैं,जो निम्न है, कोर्ट ने डुप्लीकेट सर्टिफिकेट जारी करने पर कोई रोक (Stay) नहीं लगाई है, विपक्षी खेमे (अशोक कुमार और बी.एल. बैरवा) को कोर्ट से कोई कानूनी मान्यता नहीं मिली है, रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी अब स्वतंत्र रूप से डुप्लीकेट सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, संस्था ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी रेलवे बोर्ड को भी लिखित रूप में दे दी है, मिलिंद अवॉर्ड SC/ ST एसोसिएशन का कहना है कि 1959 से अब तक कोई मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं था, जिसे प्राप्त करना संस्था के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है, हमारे चेनल को मिलिंद अवाड ने स्पष्ट किया कि संगठन संविधान और कानून के दायरे में काम कर रहा है और किसी भी 'फर्जी या समानांतर CEC' की गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है, हमारे चेनल SR NEWS 24 LIVE के सूत्रों के अनुसार, अब गेंद रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी के पाले में है, दस्तावेजों और कोर्ट के स्पष्ट रुख को देखते हुए ,यह माना जा रहा है कि जल्द ही मिलिंद अवाड के नेतृत्व वाली ,SC/ ST एसोसिएशन, CEC को डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिल जाएगा, जिससे रेलवे बोर्ड में उनके प्रतिनिधित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी, #railwaynews #railwaycorruption #india #latestnews #srnews24 #indianrailways #railwayupdate #railwayemployees #srnews24live,#दिल्ली ,#हाई कोर्ट,#AISCTREA,