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आज जब समाज में पढ़े-लिखे, अच्छे पदों पर बैठे लोग भी दहेज, दिखावे और लाखों के खर्च को “ज़रूरी” मानने लगे हैं, उसी दौर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर कपल ने ऐसा कदम उठाया है जो पूरे समाज के लिए आईना और प्रेरणा दोनों है। इस वीडियो में हम चर्चा कर रहे हैं उस शादी की, जहाँ 👉 दूल्हा-दुल्हन दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं 👉 पढ़े-लिखे होने के बावजूद दहेज को पूरी तरह नकारा गया 👉 शादी संत रामपाल जी महाराज के आश्रम में की गई 👉 और हैरानी की बात — एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ 👥 200 बाराती, फिर भी कोई खर्च नहीं करीब दो सौ लोग बरात में शामिल थे। उन सभी को ✔️ तीन दिन तक ✔️ दिन में तीन बार भोजन पूरी व्यवस्था के साथ कराया गया। न कोई होटल, न कोई कैटरिंग, न कोई दिखावा — फिर भी किसी को कमी महसूस नहीं हुई। 🍽️ 10 रोटी का तर्क — परंपरा और विवेक पुराने ज़माने में विवाह के दौरान ➡️ पाँच पहर / पाँच छें में भोजन की परंपरा मानी जाती थी। आज के समय में एक सामान्य व्यक्ति ➡️ दिन में औसतन तीन बार भोजन करता है। ➡️ तीन दिन में कुल 9–10 बार भोजन पर्याप्त होता है। इसी व्यावहारिक और गणितीय समझ के आधार पर 10 रोटी और साधारण भोजन की व्यवस्था की गई। यह कमी नहीं, बल्कि 👉 ज़रूरत के अनुसार व्यवस्था 👉 फिजूलखर्ची से बचाव का संदेश है। 🕊️ संत रामपाल जी महाराज के आश्रम में होने वाली शादियों की विशेषता संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में होने वाली शादियों की सबसे बड़ी पहचान है: बिना दहेज बिना दिखावे बिना कर्ज़ बिना सामाजिक दबाव यह शादियाँ यह साबित करती हैं कि शादी एक संस्कार है, व्यापार नहीं। 🌱 समाज में क्या संदेश गया? इस शादी ने समाज को साफ़-साफ़ संदेश दिया है कि: पढ़ाई का असली अर्थ सोच बदलना है दहेज कोई मजबूरी नहीं, एक बुराई है खुशहाल शादी के लिए पैसा नहीं, समझ ज़रूरी है सामूहिक व्यवस्था से हर व्यक्ति सम्मान पा सकता है 📚 लोग इससे क्या सीख सकते हैं? ✔️ शादी सादगी से भी पूरी इज्ज़त के साथ हो सकती है ✔️ सामाजिक दबाव को ठुकराना संभव है ✔️ पढ़े-लिखे युवाओं की भूमिका सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं ✔️ अगर सोच बदले, तो समाज बदल सकता है 🛑 निष्कर्ष यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं है, यह एक सामाजिक चेतावनी और प्रेरणा है — कि अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसे पढ़े-लिखे युवा यह कर सकते हैं, तो समाज क्यों नहीं? 📌 आप इस तरह की शादियों को कैसे देखते हैं? कमेंट में अपनी राय ज़रूर दें। 📢 वीडियो को Like और Share करें ताकि यह संदेश ज़्यादा लोगों तक पहुँचे। 🔔 Channel को Subscribe करें ऐसी ही ज़मीनी और सार्थक चर्चाओं के लिए।