У нас вы можете посмотреть бесплатно राज्यपाल(Governor): केंद्र का एजेंट या संविधान का रक्षक? (Detailed Analysis) или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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✨नमस्कार दोस्तों! आज के इस विस्तृत वीडियो में हम भारतीय संविधान के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अक्सर चर्चा में रहने वाले पद 'राज्यपाल' (Governor) का गहन विश्लेषण करेंगे। यह वीडियो विशेष रूप से UPSC, State PSC, SSC और Law के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। 📌इस वीडियो में आप क्या सीखेंगे? • संवैधानिक ढांचा: अनुच्छेद 153 से 167 तक की विस्तृत व्याख्या। • नियुक्ति और कार्यकाल: राष्ट्रपति के 'प्रसादपर्यंत' (Pleasure Principle) का क्या अर्थ है? • शक्तियाँ: कार्यकारी, विधायी, वित्तीय और न्यायिक शक्तियाँ (अनुच्छेद 161)। • विवेकाधीन शक्तियाँ (Discretionary Powers): अनुच्छेद 163 का वह हिस्सा जहाँ राज्यपाल अपनी मर्जी से फैसला लेते हैं। • विवाद के मुद्दे: त्रिशंकु विधानसभा, अनुच्छेद 356 और कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर टकराव। • सुप्रीम कोर्ट का 2025 का ऐतिहासिक फैसला: राज्यपालों द्वारा विधेयकों (Bills) को रोकने की शक्ति पर न्यायालय का नया रुख। • सुधार के सुझाव: सरकारिया आयोग, पुंछी आयोग और वेंकटचलैया आयोग की महत्वपूर्ण सिफारिशें। यह वीडियो न केवल आपकी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और संघवाद की कार्यप्रणाली को समझने में भी मदद करेगा। वीडियो पसंद आए तो लाइक करें, शेयर करें और अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं! #Governor #UPSC #IndianPolity #IndianConstitution #LaxmikanthPolity #StatePSC #GeneralStudies #Samvidhan #SSC #GovernorPowers #LawStudents #HindiLectures