У нас вы можете посмотреть бесплатно इन 5 VIPs पर है शक की सुई! अंकिता भंडारी कांड की जांच सीबीआई के हवाले। или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
सवाल यह है कि क्या सीबीआई वीआईपी का नाम उजागर करेगी। क्या छिपा राज बाहर आएगा? अब पूर्ण न्याय की उम्मीद जगी है।विस्तार से बता रहे हैं सीनियर जर्नलिस्ट Dr. Harish C. Lakhera । डा. हरीश चंद्र लखेड़ा का विश्लेषण। Email- drhclakhera@gmail.com । These 5 VIPs are under suspicion ! अंकिता भंडारी हत्याकांड में जन आक्रोश के बाद उत्तराखंड की धामी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। 2022 में रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 साल की अंकिता की हत्या के मुख्य आरोपियों को उम्रकैद हो चुकी है, लेकिन हाल के वायरल ऑडियो-वीडियो में 'VIP' एंगल उछला, जिस पर शक की सुई कई प्रभावशाली नामों पर घूम रही है। पुलिस ने VIP को आम व्यक्ति बताया, पर प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की मांग पर अब सीबीआई की जांच के आदेश दे दिए गए। पर सवाल यह है कि क्या सीबीआई इस वीआईपी के नाम उजागर करेगी। क्या छिपा राज बाहर आएगा? अब पूर्ण न्याय की उम्मीद जगी है। #अंकिता_भंडारी #सीबीआई_जांच #VIP_एंगल #उत्तराखंड_न्याय #JusticeForAnkita #AnkitaBhandariCase #CBICase #UttarakhandProtest #VIPReveal #अंकिताकोन्याय #STV #himalayilog #BreakingNews #DrHarishChandraLakhera #NewDelhi, समसामयिक मुद्दों पर केंद्रित S TV यूट्यूब न्यूज चैनल | & Himalayilog| e- Book of Himalayan Civilization | हिमालयीलोग : हिमालयी संस्कृति, लोक, साहित्य और सरोकारों का चैनल | / @himalayilog Channel of Himalayi People | FaceBook- https://www.facebook.com/profile.php?... (Facebook Page -Himalayilog channel हिमालयीलोग चैनल ) X-twitter --- / himalayilogc सोचिए आज के अधिकतर पत्रकार क्यों काकदृष्टि की बजाए काणी दृष्टि के हो गए हैं ? किसी विचारधारा के गुलाम क्यों हो गए हैं ? किसी एक पार्टी या नेता के पक्षकार क्यों हो गए हैं ? आप भी ऐसा सोचते हैं तो आइए हमसे जुड़िए। काक दृष्टि अर्थ है छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान देने वाली दृष्टि। उदाहरण के तौर पर हम कह देते हैं कि उसकी काकदृष्टि से कोई भी चीज नहीं छुपती। पत्रकारों से भी यही उम्मीद की जाती है। परंतु अधिकतर पत्रकार विचारधारा में बटकर एक पक्षीय हो गए हैं। काक दृष्टि की बजाए उनकी काणी दृष्टि हो गई है। मेरा चैनल ऐसा था।, न है और न कभी ऐसा होगा।