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चांसदा में निकली आदिनाथ की भव्य रथयात्रा , खूब लगे जयकारे , कैलाश पर्वत झांकी रही आकर्षण का केंद्र 22 सितंबर 2024 पर्यूषण पर्व के समापन पर कुराबड़ क्षेत्र के जगत के निकट चांसदा में सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में रविवार को आदिनाथ भगवान की भव्य रथयात्रा निकली। रथयात्रा के पूर्व भगवान आदिनाथ की प्रतिमा को शांतिलाल कोटडिया ने रजत रथ में विराजमान किया। जैन मंदिर से बैंड बाजो के साथ निकली रथयात्रा में आगे घोड़े पर धर्म ध्वजा थामें भीमराज ,गजेंद्र कोटडिया, श्वेत वस्त्र में गुलाबी साफा बांधे सभी पुरुष वर्ग , केसरिया लाल वस्त्रों में महिला वर्ग सहित लकड़वास कानपुर खेड़ी जगत भींडर वली उदयपुर सहित सैकड़ो जैन समाजजन मौजूद थे। रथयात्रा में भक्ति गीतों पर युवा वर्ग ने भक्ति नृत्य कर आदिनाथ के खूब जयकारे लगाए। रथयात्रा में रोशन लाल कोटडिया परिवार की ओर से निर्मित कैलाश पर्वत की झांकी आकर्षण का केंद्र रही । रथयात्रा गांव के विभिन्न मार्गो से होते हुए राजकीय स्कूल प्रांगण पहुंची जहां समारोह हुआ। समारोह में मंगलाचरण हार्दी और सृष्टि जैन ने किया। अरिहंत बाल ग्रुप ने भगवान जन्म कल्याण की नाटिका प्रस्तुत की। श्रीजी की शांतिधारा खेमराज बसंती बाई निमड़ी वाले उदयपुर परिवार ने की। श्रीजी की अष्टद्रव्य से पूजन गुलाबचंद कोटडिया, ईश्वर बंबोरिया, तेजपाल बया ,धनराज कोटडिया, चंपालाल कोटडिया ,हीरालाल मालवी और खेमराज खरकिया परिवार ने की। मन्दिर शिखर पर धर्मध्वजा भेरूलाल कमलेश उज्ज्वल चिनल कुशाल लेहरीबाई बया परिवार ने फहराई। मंगल आरती तेजपाल खरकिया परिवार ने की।समारोह में मुख्य अतिथि डॉ जिनेन्द्र शास्त्री और अनिल स्वर्णकार भींडर मौजूद थे। अतिथियो का सम्मान पवन अनिल सौरभ कोटडीया ने किया। समापन पर जैन समाज, लकड़वास की ओर से स्वामी वात्सल्य हुआ। उल्लेखनीय है कि चांसदा गांव में जैन समाज का एक भी घर नहीं है लेकिन 400 वर्ष प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर है जिसमें भगवान आदिनाथ की प्रतिमा विराजमान है बुजुर्ग लोग बताते हैं कि इस क्षेत्र में पूर्व में काफी संख्या में जैन समाज के लोग रहते थे लेकिन समय परिस्थिति काल में लोगों के यहां पलायन करने से वर्तमान में एक भी जैन समाज का व्यक्ति नहीं निवास करता है लेकिन आसपास के गावों के जैन समाजजन प्रतिवर्ष चांसदा में शोभायात्रा निकालते हैं और भगवान आदिनाथ का नित्य पूजन अभिषेक करते हैं वर्तमान में जैन मंदिर का पुनः जीर्णोधार किया गया है और संत भवन भी बनकर तैयार है जिसका लोकार्पण आगामी समय में होगा।