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मां सरस्वती विद्या, ज्ञान और संगीत की देवी हैं। यह 'सरस्वती चालीसा' विशेष रूप से उन छात्रों और भक्तों के लिए संगीतबद्ध की गई है जो जीवन में एकाग्रता, बुद्धि और सफलता चाहते हैं। इस वीडियो में 4K सिनेमैटिक दृश्यों के साथ माँ शारदा की आराधना करें। 🎵 Listen to this Daily for: Success in Exams (परीक्षा में सफलता) Focus and Concentration (एकाग्रता) Mental Peace (मानसिक शांति) Arts and Music Skills (कला और संगीत में निपुणता) 📜 Saraswati Chalisa Lyrics (सरस्वती चालीसा पाठ): श्री सरस्वती चालीसा (विद्या, बुद्धि और कला के लिए) दोहा जनक जननि पद कमल रज, निज मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि॥ पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु। दुष्जनों के पाप को, मातु तु ही अब हन्तु॥ चौपाई जय श्री सकल बुद्धि बल रासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी॥ जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥ रूप चतुर्भुज धारी माता। सकल विश्व अन्दर विख्याता॥ जग में पाप बुद्धि जब होती। तब ही धर्म की फीकी ज्योति॥ तब ही मातु का निज अवतारा। पाप हीन करती महितारा॥ बाल्मीकि जी थे हत्यारा। तव प्रसाद जानै संसारा॥ रामचरित जो रचे बनाई। आदि कवि की पदवी पाई॥ कालिदास जो भये विख्याता। तेरी कृपा दृष्टि से माता॥ तुलसी सूर आदि विद्वाना। भये और जो ज्ञानी नाना॥ तिन्ह न और रहेउ अवलम्बा। केव कृपा आपकी अम्बा॥ करहु कृपा सोइ मातु भवानी। दुखित दीन निज दास जानी॥ पुत्र करै अपराध बहुतरा। तेहि न धरई माता मन मेरा॥ राखहु लाज जननि अब मेरी। विनय करउं भांति बहु तेरी॥ मैं अनाथ तेरी अवलंबा। कृपा करउ जय जय जगदम्बा॥ मधुकैटभ जो अति बलवाना। बाहुयुद्ध विष्णु से ठाना॥ समर हजार पाँच में घोरा। फिर भी मुख उनसे नहिं मोरा॥ मातु सहाय कीन्ह तेहि काला। बुद्धि विपरीत करी खलहाला॥ तेहि ते मृत्यु भई खल केरी। पुरवहु मातु मनोरथ मेरी॥ चंड मुंड जो थे विख्याता। क्षण महु संहारे उन माता॥ रक्तबीज से समर भयंकर। हुए रफिक जो सब सुर किंकर॥ काया तेहि दीन्ह्यु तव दाना। सो धरि रूप कराल भवाना॥ बीज मन्त्र जहिं सो जपि जापै। सब दु:ख पाप नष्ट हो जापै॥ धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। श्रद्धा सहित मातु पद पावे॥ भक्ति मातु की करैं हमेशा। निकट न आवै ताहि कलेशा॥ बंदी पाठ करें सत बारा। बंदी पाश दूर हो सारा॥ रामसागर बाँधि हेतु भवानी। कीजै कृपा दास निज जानी॥ दोहा मातु सूर्य कान्ति तव, अन्धकार मम रूप। डूबन से रक्षा करहु, परूँ न मैं भव कूप॥ बलबुद्धि विद्या देहु मोहि, सुनहु सरस्वती मातु। राम सागर अधम को, आश्रय तू ही देदातु॥ संगीत (Music): इस गीत का संगीत 'Suno AI' (Pro Subscription) के माध्यम से मेरे रचनात्मक मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। मेरे पास इस संगीत के पूर्ण व्यावसायिक उपयोग (Commercial Rights) का वैध लाइसेंस है। प्रस्तुति (Presentation): इस वीडियो की संकल्पना और निर्माण पूर्णतः मानवीय रचनात्मकता का परिणाम है। यह सनातन धर्म में प्रचलित विभिन्न देवी-देवताओं के आरती और चालीसा को आधुनिक AI के उपयोग से संगीतबद्ध करने के प्रयास की ओर एक सार्थक कदम है। Note to YouTube Review Team: This content features the traditional lyrics of Aarti and Chalisa of famous Gods and Goddesses of Sanatan Dharma. It is a effort of musical representation of these lyrics with the help of modern AI technology. The musical accompaniment is generated using a paid commercial license of Suno AI, granting me full ownership of the output. This is not "Reused Content" as it involves significant creative input. #SaraswatiChalisa #SaraswatiMata #DevotionalMusic #ShubheshOfficial #saraswatipuja