У нас вы можете посмотреть бесплатно | गुरु भजन | यहि विधि जैबै भव पार मोर गुरु भेद दिए॥टेक॥ छठ तर्ज: आठ ही काठ के, ज़रूर सुनें। или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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मेरे गुरुदेव ने मुझे जो युक्ति बतलाई है, उसी के अनुसार मैं जनम मरण के चक्र से परे चला जाऊंगा, मैं अपनी दोनों दृष्टि धारों को सुषमना में संयुक्त कर लूंगा । और आश्चर्यमय रंग रूपों को देखूंगा । अंधकार फट फटकर पांच रंग प्रकट होगा। और बिजली की चमक के साथ तारें भी दिखाई पड़ेंगे । सूरत आगे चढ़ते चढ़ते चंद्रमा को निहारेगी। और सूर्य ब्रह्म के रूप का दर्शन भी करेगी। सुरत शून्य मण्डल में धंसकर शब्द मण्डल में प्रवेश करेगी और अंत में सतपद में पहुंचकर उसमें समा जाएगी। इस भजन का अर्थ यही। इसलिए इस भजन को ध्यान से सुनिएगा । |। जय गुरु महाराज ।|