У нас вы можете посмотреть бесплатно सीमित संसाधनों के बावजूद यात्रियों को पूरा सहयोग, फिर भी कुछ असंतुष्ट लोग सोशल मीडिया से नकारात्मक или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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अक्सर ऐसा होता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यात्रियों को पूरा सहयोग देने का प्रयास किया जाता है, सेवा भाव से काम किया जाता है, फिर भी कुछ असंतुष्ट लोग सोशल मीडिया के माध्यम से नकारात्मक प्रचार कर देते हैं। ऐसे में प्रश्न उठता है— 👉 क्या ऐसे लोगों को पुण्य लगता है या पाप? जैन दर्शन स्पष्ट कहता है कि— 🔸 कर्म का बंधन भाव से होता है, माध्यम से नहीं 🔸 सेवा करने वाले का भाव शुद्ध हो तो उसे पुण्य मिलता है 🔸 बिना सत्य जाने, द्वेष या क्रोध से किया गया नकारात्मक प्रचार पाप का कारण बनता है 🔸 सोशल मीडिया भी एक साधन है—उसका उपयोग शुभ भाव से हो तो पुण्य, अशुभ भाव से हो तो पाप इस विचार में जानिए— ✔ सेवा का वास्तविक पुण्य किसे मिलता है ✔ असंतोष और निंदा का कर्मफल क्या होता है ✔ सोशल मीडिया का धर्मसम्मत उपयोग कैसे करें ✔ आलोचना और निंदा में जैन दृष्टि का अंतर 🙏 यह विषय केवल दूसरों के लिए नहीं, हम सबके आत्मचिंतन के लिए है। 🔖 HASHTAGS (SEO + Jain + Social Awareness) #पुण्यपाप #सेवाभाव #जैनदर्शन #सोशलमीडिया #निंदा #असंतोष #कर्मसिद्धांत #आत्मचिंतन #धार्मिकविचार #संयम 🏷️ TAGS (YouTube SEO Tags) seva ka punya ninda ka paap social media paap punya jain darshan karma asantoshi log aur karma seva aur badnami punya paap ka siddhant jain dharm pravachan hindi kritiksha aur ninda antar spiritual solution hindi