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Powerful Shiv Mantra यह शिवाष्टकम् (Shivashtakam) आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है। यह भगवान शिव के विभिन्न रूपों, गुणों और लीला का सुंदर वर्णन करता है, तथा प्रत्येक श्लोक के अंत में "नमः शिवाय" से समापन होता है। आपने पूरा स्तोत्र साझा किया है, जो भक्ति भाव से परिपूर्ण है। इसका फल भी बहुत महान बताया गया है: शिवाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेत् शिवसन्निधौ। शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥ अर्थात् जो व्यक्ति शिव के समक्ष (या शिव भक्ति में) इस पुण्य शिवाष्टक का पाठ करता है, वह शिवलोक प्राप्त करता है और शिव के साथ आनंद में लीन रहता है। संक्षिप्त अर्थ (हिंदी में प्रत्येक श्लोक का सार): तस्मै नमः परमकारणकारणाय... उन परम कारण के कारण (सबके मूल कारण) शिव को नमस्कार, जिनके नेत्र प्रज्ज्वलित पिंगल (भूरे-लाल) हैं, सर्पराज के हार-कुंडल से सुशोभित, ब्रह्मा-इंद्र-विष्णु को भी वर देने वाले। श्रीमत्प्रसन्नशशिपन्नगभूषणाय... प्रसन्न चंद्रमा और सर्पों से अलंकृत, पार्वती के मुख से चुम्बित नेत्र वाले, कैलाश-मंदर-महेन्द्र के निवासी, तीनों लोकों के दुख हरने वाले शिव को नमस्कार। पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय... पद्मराग मणि जैसे शुद्ध कुंडल और बैल पर सवार, कृष्णागरु-चंदन से चर्चित, भस्म लगे कमल-मल्लिका जैसे, नील कमल के समान कंठ वाले शिव को नमस्कार। लम्बत्सपिङ्गलजटामुकुटोत्कटाय... लटकती पिंगल जटाओं के मुकुट वाले, भयंकर दंष्ट्रा-भैरव रूप, व्याघ्र चर्म धारण करने वाले, मनोहर, त्रैलोक्यनाथ को नमस्कार। दक्षप्रजापतिमहामखनाशनाय... दक्ष यज्ञ नाश करने वाले, त्रिपुरासुर का वध करने वाले, ब्रह्मा के ऊर्ध्वगामी शीश का छेदन करने वाले, योगियों द्वारा नमित योग रूप शिव को नमस्कार। संसारसृष्टिघटनापरिवर्तनाय... संसार की सृष्टि-परिवर्तन करने वाले, राक्षस-पिशाच-सिद्धों से घिरे, सिद्ध सर्प-ग्रहों द्वारा सेवित, व्याघ्र चर्म वस्त्र वाले शिव को नमस्कार। भस्माङ्गरागकृतरूपमनोहराय... भस्म से रंग-बिरंगा मनोहर रूप, सौम्य वन में आश्रित, गौरी के कटाक्ष से अर्ध-निरीक्षण, गोक्षीर जैसा श्वेत शिव को नमस्कार। आदित्यसोमवरुणानिलसेविताय... सूर्य-चंद्र-वरुण-अनिल द्वारा सेवित, यज्ञ-अग्नि-होम के धूम में निवास, ऋग्-सा॒म वेद-मुनियों द्वारा स्तुत, गोपालक और गोपों द्वारा नमित शिव को नमस्कार। यह स्तोत्र रोज़ पढ़ने से मन शांत होता है, भय-दुख दूर होते हैं और शिव कृपा प्राप्त होती है। विशेषकर सोमवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि या सावन में इसका पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। ॐ नमः शिवाय 🙏 #shiva #bhajan #morningbhajan #bhakti #bhaktisong