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श्रीरामावतार का पहला उद्धार – ताड़का! | Swami Shri Raghavacharya Ji Maharaj Swami Shri Raghavacharya Ji Maharaj Official YouTube Account अध्यक्ष — श्रीरामलला सदन देवस्थान ट्रस्ट, रामकोट अयोध्या 🚩 ⇝⇝⇝⇝✹✹✹✹✹✹✹⇝⇝⇝⇝ 🌸 जानिए — भगवान श्रीराम के अवतार का पहला कार्य ताड़का-वध क्यों था? क्या यह केवल वध था या वास्तव में एक महान उद्धार? रामायण का ताड़का प्रसंग अक्सर केवल स्त्री-वध के रूप में देखा जाता है— पर शास्त्र कहते हैं, यह प्रसंग धर्म, करुणा और लोककल्याण का प्रथम उद्घोष है। स्वामीजी कहते हैं— “राम ने ताड़का का वध नहीं किया, राम ने ताड़का का उद्धार किया।” 📖 इस प्रवचन में जानिए— ✨ 1. ताड़का कौन थी? • पूर्व जन्म में यक्षी • दिव्य बल प्राप्त • राक्षसी प्रवृत्ति में पतन • ऋषियों और यज्ञों की घोर बाधक 👉 ताड़का नारी नहीं— अधर्म की मूर्त अभिव्यक्ति बन चुकी थी। ✨ 2. श्रीराम को ताड़का-वध की आज्ञा क्यों मिली? • विश्वामित्र का यज्ञ संकट में • धर्म और साधना की रक्षा • समाज की सुरक्षा स्वामीजी स्पष्ट करते हैं— “जहाँ अधर्म स्त्री–पुरुष से ऊपर हो जाता है, वहाँ धर्म लिंग नहीं देखता।” ✨ 3. ताड़का-वध — न्याय या करुणा? • वध — देह का • उद्धार — आत्मा का 👉 ताड़का को राम-स्पर्श मिला, जो मोक्ष का द्वार बना। स्वामीजी कहते हैं— “राम के हाथ से मृत्यु बंधन नहीं, मुक्ति बन जाती है।” ✨ 4. ताड़का-वध से रामलीला का प्रारंभ • बालक राम का प्रथम पराक्रम • गुरु आज्ञा का पालन • धर्म की स्थापना का उद्घोष 👉 यही से राम मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में लोक में प्रकट होने लगे। ✨ 5. आज के युग के लिए ताड़का प्रसंग का संदेश • अधर्म को सहन करना करुणा नहीं • धर्मरक्षा हिंसा नहीं • शक्ति का प्रयोग कर्तव्य है स्वामीजी कहते हैं— “जहाँ ताड़का जीवित है, वहाँ यज्ञ नहीं हो सकता।” 🌸 जीवनोपदेश : 👉 धर्म में करुणा आवश्यक है, पर अधर्म के प्रति कठोरता भी। 👉 भगवान का दंड प्रतिशोध नहीं— उद्धार की अंतिम प्रक्रिया है। 👉 राम का पहला कार्य युद्ध नहीं— धर्म-संरक्षण था। 👉 स्वामीजी कहते हैं— “ताड़का-वध सिखाता है कि अधर्म चाहे किसी रूप में हो— उसे समाप्त करना ही सच्ची करुणा है।” 👉 इसलिए कहा गया— श्रीरामावतार का पहला उद्धार — ताड़का। 📌 Official Links: 👉 Subscribe करें और जुड़े रहें: https://bit.ly/3kS8Kcr ✦ इस चैनल पर आपको मिलेगा: 🔸 श्रीरामकथा का शास्त्रीय और गूढ़ विवेचन 🔸 धर्म–अधर्म के सूक्ष्म भेद 🔸 गुरु–शिष्य परंपरा और यज्ञ-रक्षा 🔸 भ्रांतियों का शास्त्रसम्मत समाधान 📞 संपर्क सूत्र: 9616703209 | 9415370651 📜 About Swami Shri Raghavacharya Ji Maharaj & Ramlala Sadan: Shrimadjagadguru Swami Dr. Raghavacharyaji, Peethाधीश्वर – Shridham Ramvarnashram, Ayodhya; Sarvarाहकर Mahant – Shri Ramlala Sadan Devasthan Trust. ✨ संस्थाएँ: 🔸 Shridham Ramvarnashram, Ayodhya 🔸 Shri Ramlala Sadan Devasthan Trust 🔸 Shri Hanuman मंदिर, Ramkot, Ayodhya 🔸 Shriram Janki Mandिर, Khodiya Bazar, Gonda 🌐 Official Profiles: YouTube | Facebook | Instagram | Twitter | Website | Android App Digital Partner: Team Anish Sahasrabudhe 🙏 **“राम का बाण नारी या नर के लिए नहीं, अधर्म के लिए चलता है। और जहाँ राम का बाण चला— वहाँ आत्मा का उद्धार निश्चित है।”**