У нас вы можете посмотреть бесплатно दोस्तों, रतन टाटा का नाम लेते ही हमारे दिमाग में एक महान उद्योगपति और एक देशभक्त की तस्वीर आ или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
1. परिचय (हुक) - (0:00 - 0:25) स्क्रिप्ट (वॉयसओवर): "दोस्तों, रतन टाटा का नाम लेते ही हमारे दिमाग में एक महान उद्योगपति और एक देशभक्त की तस्वीर आती है। उनकी सदगी और उनके परोपकार के किस्से तो मशहूर हैं। लेकिन आज यह 3 मिनट का वीडियो है, मैं आपको रतन टाटा जी के बारे में 5 ऐसी अनोखी और अनकही बातें बताता हूं। बताऊंगा, जो शायद ही किसी को पता हो। इस वीडियो को पूरा देखिए, क्योंकि आखिरी वाला प्वाइंट उनके दिल की सच्चाई दिखाता है।" बिंदु 1: उनकी पहली नौकरी - (0:25 - 0:55) स्क्रिप्ट (वॉयसओवर): "प्वाइंट नंबर एक: बहुत कम लोग जानते हैं कि रतन टाटा ने अपने करियर की शुरुआत किसी एसी केबिन में नहीं की, बल्कि टाटा स्टील की फैक्ट्री फ्लोर पर थी। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने के बाद, जब वो भारत लौटे, तो उन्हें जमशेदपुर में टाटा स्टील ने ब्लास्ट फर्नेस के पास कम किया। उनका काम था चुना (चूना पत्थर) को संभालना और भट्टी में डालना। ये उनके लिए एक ज़मीनी तजुर्बा था जिसने उन्हें जमीनी स्तर के कर्मचारियों की तकलीफ़ें समझने में मदद की। बिंदु 2: जब अपनी कंपनी खो दी (लेकिन सबक सीखा) - (0:55 - 1:25) स्क्रिप्ट (वॉइसओवर): "दोस्तों, हर सफल इंसान की तरह रतन टाटा ने भी असफलता देखी है। 1990 के दशक में, जब वह टाटा ग्रुप के चेयरमैन बने, तो उन्हें 'टाटा फाइनेंस' का नाम दिया गया और एक कंपनी शुरू हुई। लेकिन ये कंपनी फेल हो गई और टाटा ग्रुप को एक बड़ा फाइनेंशियल नुक्सान उठाना पड़ा। ये उनके करियर का एक मुश्किल दौर था। लेकिन अनहोनी इस असफलता से सीख ली और अपनी रणनीति को बदल दिया। उसके बाद ही टाटा मोटर्स ने 'इंडिका' लॉन्च की, जिसने इतिहास रच दिया।" बिंदु 3: एक इमोशनल डील (द कोरस स्टोरी) - (1:25 - 1:55) स्क्रिप्ट (वॉइसओवर): "तीसरी बात, 'कोरस' स्टील की डील। जब टाटा स्टील ने 2007 में यूरोप की कोरस स्टील को खबर दी, तो ये भारत के इतिहास की सबसे बड़ी विदेशी अधिग्रहण थी। लेकिन डील के पीछे एक भावनात्मक वजह भी थी। कोरस के सीईओ के साथ रतन टाटा की एक पुरानी प्रोफेशनल दोस्ती थी। काई लोगों ने कहा की अन्होन इमोशनल होकर जरुरत से ज्यादा दाम दिया। लेकिन रतन टाटा का फैसला एक सहानुभूतिपूर्ण इशारा था जो बिजनेस से बढ़कर था, और अन्होन दिखाया कि रिश्ता मायने रखता है। बिंदु 4: सदगी और उनके कुत्ते - (1:55 - 2:25) स्क्रिप्ट (वॉयसओवर): "चौथी और सबसे दिल को चुनने वाली बात: उनकी सादगी और उनका कुत्तों के प्रति प्यार। रतन टाटा एक अरबपति हैं, लेकिन उनकी जिंदगी बहुत सिंपल है। वो एक छोटे से फ्लैट में रहते हैं और टाटा नैनो चलाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, वो अपने पेट्स से इतना।" प्यार करते हैं कि जब उनका कुत्ता बीमार हो गया था, तो वो महत्वपूर्ण व्यावसायिक बैठकें भी स्थगित कर देते थे, बॉम्बे हाउस, टाटा ग्रुप के मुख्यालय, में आवारा कुत्तों के लिए एक खास एरिया बनाया गया है।" बिंदु 5: नैनो कार का सपना और उसका सच्चा कारण - (2:25 - 2:50) स्क्रिप्ट (वॉइसओवर): "और आखिरी बिंदु: टाटा नैनो। दुनिया ने 'सबसे सस्ती कार' के रूप में देखा। लेकिन इसके पीछे रतन टाटा का सपना था भारत के निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार को सुरक्षित परिवहन देना। जब उन्हें एक बारिश में एक ही स्कूटर पर एक परिवार को (पति, पत्नी और दो बच्चे) भीगते देखा, तो उनका फैसला हो गया कि वो एक ऐसी कार बनाएंगे जो सुरक्षित भी हो और नैनो उनका एक सोशल एक्सपेरिमेंट था, ना कि सिर्फ एक प्रोडक्ट।" निष्कर्ष - (2:50 - 3:00) स्क्रिप्ट (वॉयसओवर): "रतन टाटा जी की ये बातें हमें बताती हैं कि सफलता का मतलब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विनम्रता, सहानुभूति और लोगों के लिए कुछ करने का जज्बा है। आपको उनकी कौन सी बात सबसे ज्यादा प्रेरणादायक लगी, हमें कमेंट करके जरूर बताएं। चैनल को सब्सक्राइब करें, और इस वीडियो को शेयर करें धन्यवाद!”