У нас вы можете посмотреть бесплатно thoda sa gham ghazal или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
thoda sa gham ghazal जो हिस्से में आया मेरे, थोड़ा सा ग़म, *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* जो हिस्से में आया मेरे, थोड़ा सा ग़म, *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- *आईने में देखा तो पूरा न था कोई* हर शख़्स में है छुपा अधूरा सा कोई हँसते चेहरों के पीछे ठहरा सा कोई ख़ुद से ही हार गया, जीता सा कोई *हर दिल में है एक वहम, थोड़ा सा ग़म* *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- *ख़्वाहिशें पूरी हों तो सुकूँ मिल जाए* पर सुकूँ मिलते ही नई कमी जग जाए जो मिल गया, वही बोझ बन जाए इंसान को इंसान से दूर कर जाए *हर चाहत का यही करम, थोड़ा सा ग़म* *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- *रिश्तों में भी अब पूरी बात कहाँ* लफ़्ज़ों में सिमटी है हर जज़्बात कहाँ साथ होकर भी वो साथ कहाँ दिल तो हैं पास, पर मुलाक़ात कहाँ *हर मुलाक़ात में है कम, थोड़ा सा ग़म* *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- *ख़ुद को समझना सबसे मुश्किल रहा* जो सबसे क़रीब था, वही फ़ासिल रहा भीड़ में रहकर भी दिल तन्हा रहा पूरे होने का सपना ही हासिल रहा *इंसान का यही भरम, थोड़ा सा ग़म* *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- *वक़्त ने सिखाया सब सह लेना* टूटकर भी सीधा रह लेना अधूरा रहकर भी पूरा लग लेना अपने ही सवालों को अनसुना कर लेना *ज़िंदगी का यही आलम, थोड़ा सा ग़म* *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म* --- जो हिस्से में आया मेरे, थोड़ा सा ग़म, *मयख़ाने में हुआ कम, थोड़ा सा ग़म*