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कुंडली में राहु-केतु कब और कहाँ देते हैं समस्या? जानिए सच्चाई | आचार्य श्री मुकेश जी महाराज राहु-केतु का खतरनाक प्रभाव! करियर, विवाह और मानसिक तनाव का असली कारण Grahan Dosha, Kaal Sarp Yog और राहु-केतु का पूरा रहस्य क्या आपकी जिंदगी में अचानक समस्याएं आ रही हैं? बार-बार गलत निर्णय ले रहे हैं? करियर बनते-बनते बिगड़ जाता है? रिश्तों में अचानक दूरी क्यों आ जाती है? 👉 हो सकता है आपकी कुंडली में राहु-केतु सक्रिय हों! आज आचार्य श्री मुकेश जी महाराज बताएंगे — राहु-केतु कब, कहाँ और कैसे समस्या उत्पन्न करते हैं। कुंडली में राहु और केतु छाया ग्रह माने जाते हैं, लेकिन इनका प्रभाव अत्यंत शक्तिशाली होता है। जब राहु-केतु लग्न, षष्ठ, अष्टम, दशम या एकादश भाव में स्थित हों या सूर्य-चंद्रमा के साथ युति बनाकर ग्रहण दोष उत्पन्न करें, तब जीवन में अचानक तनाव, भ्रम, करियर रुकावट, कोर्ट-कचहरी के मामले, मानसिक तनाव और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। राहु अचानक परिणाम देता है — गलत संगति, नशे की प्रवृत्ति, भ्रम और करियर अवरोध। केतु देता है — अनिद्रा, अज्ञात भय, आध्यात्मिक अलगाव और रिश्तों में दूरी। जब कालसर्प योग या अंगारक योग बनता है, तब इनका प्रभाव और तीव्र हो जाता है। लेकिन याद रखें — यदि राहु-केतु शुभ स्थिति में हों तो व्यक्ति को ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। इस वीडियो में आचार्य श्री मुकेश जी महाराज बताएंगे: ✔ राहु-केतु कब सक्रिय होते हैं ✔ किन भावों में समस्या देते हैं ✔ कौन-से योग अशुभ माने जाते हैं ✔ सरल और प्रभावी उपाय राहु और केतु को वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह कहा जाता है। ये अचानक परिणाम देने वाले ग्रह हैं, जो जीवन में अप्रत्याशित घटनाएं, भ्रम, मानसिक तनाव और करियर में रुकावट ला सकते हैं। आचार्य श्री मुकेश जी महाराज के अनुसार — जब राहु या केतु कुंडली के लग्न, 3, 6, 8, 10 या 11वें भाव में हों, या सूर्य और चंद्रमा के साथ युति कर Grahan Dosha बनाएं, तब व्यक्ति को जीवन में संघर्ष, भ्रम और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है। 📌 राहु के अशुभ प्रभाव: गलत संगति नशे की प्रवृत्ति कोर्ट-कचहरी के मामले अचानक करियर में गिरावट मानसिक तनाव अगर आप अपनी कुंडली का सही मार्गदर्शन चाहते हैं, तो वीडियो अंत तक अवश्य देखें। 📌 राहु के अशुभ प्रभाव: गलत संगति नशे की प्रवृत्ति कोर्ट-कचहरी के मामले अचानक करियर में गिरावट मानसिक तनाव 📌 केतु के अशुभ प्रभाव: अनिद्रा बुरे सपने रिश्तों में दूरी आध्यात्मिक अलगाव अज्ञात भय ⚠ विशेष अशुभ योग: Grahan Dosha (सूर्य/चंद्रमा के साथ राहु-केतु) Angarak Yog (राहु + मंगल) Kaal Sarp Yog 🌿 राहु के उपाय: ✔ पक्षियों को बाजरा खिलाएं ✔ बहते जल में 108 तांबे के सिक्के प्रवाहित करें ✔ राहु मंत्र का जाप 🌿 केतु के उपाय: ✔ काले-सफेद कुत्ते को रोटी खिलाएं ✔ गौशाला में सेवा करें ✔ केतु मंत्र जाप यदि आपकी कुंडली में राहु-केतु सक्रिय हैं और जीवन में अचानक समस्याएं आ रही हैं, तो सही समय पर ज्योतिषीय मार्गदर्शन बहुत आवश्यक है। 📞 व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण एवं समाधान हेतु संपर्क करें। Call Now: +91-9911997247 #AcharyaMukeshJi #MukeshJiMaharaj #RahuKetu #GrahanDosh #KaalSarpYog #AngarakYog #VedicAstrology #JyotishUpay #KundliDosh #AstrologyRemedy #RahuMahadasha #KetuMahadasha #CareerProblem #MarriageProblem #MentalStress