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Explore Muchkund Teerth Dholpur एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है जिसे तीर्थराज मुचकुन्द कहते है #explore #muchukund #terth #dholpur #rajasthan #tourism मुचुकुन्द तीर्थ Muchkund Teerth धौलपुर, राजस्थान का एक प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे तीर्थराज मुचुकुन्द और “सभी तीर्थों का भांजा” भी कहा जाता है।स्थान और स्वरूपयह धौलपुर शहर से लगभग 3-5 किमी दूर, अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित है।यहाँ एक बड़ा पवित्र कुंड (तालाब) है, जिसके चारों ओर 108 प्राचीन मंदिर हैं। इन मंदिरों और कुंड का निर्माण भिन्न-भिन्न कालखंडों में कई शासकों द्वारा कराया गया था।यह स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।पौराणिक कथायहाँ का नाम सूर्यवंशी राजा मुचुकुन्द के नाम पर पड़ा, जो राजा मान्धाता के पुत्र थे और भगवान श्रीराम से उन्नीस पीढ़ी पहले माने जाते हैं।पौराणिक कथा के अनुसार, कृष्ण और कालयवन के युद्ध के दौरान भगवान श्रीकृष्ण राक्षस कालयवन को छल से सोते हुए राजा मुचुकुन्द के पास ले गए। कालयवन ने जैसे ही राजा को जगाया, राजा के तेज से वह भस्म हो गया। इस कारण यह स्थान पवित्र और चमत्कारी माना जाता है।तीर्थ का महत्वयह स्थान हिन्दू समाज में बहुत मान्य है, यहाँ स्नान करने से पापों से मुक्ति व चर्म रोगों से छुटकारा मिलने की मान्यता है।हर वर्ष देवछठ, अमावस्या, पूर्णिमा व मुख्य पर्वों पर यहाँ स्नान और पूजा-अर्चना के लिए लाखों श्रद्धालु आते हैं।दीपावली पर यहाँ विशाल मेला लगता है, आसपास के इलाके के लोग इस पर्व पर कुंड में स्नान व पूजा करते हैं।ऐतिहासिक जानकारीमुचुकुन्द सरोवर और मंदिर परिसर धौलपुर के प्रसिद्ध लाल पत्थर से बने हैं।समीप में एक ऐतिहासिक किला तथा सिक्ख धर्म से जुड़ा शेर शिकार गुरुद्वारा भी स्थित है, जहाँ गुरु हरगोविन्द सिंह जी ने 1612 में विश्राम किया था।