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जय गुरुदेव! 🙏 प्रस्तुत है संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन का एक अत्यंत भावुक प्रसंग - "प्रेम का भूखा है गोपाल"। यह लोक-कथा भजन उस घटना पर आधारित है जब भगवान ने छप्पन भोग त्याग कर संत रविदास जी की रूखी रोटियों को बड़े प्रेम से खाया था। यह भजन बताता है कि ईश्वर जाति-पाति या धन-दौलत नहीं, बल्कि केवल सच्चे प्रेम और भाव के भूखे हैं। बंजारा और कथावाचक शैली में गाया गया यह भजन आपको भक्ति भाव से भर देगा। अगर आपको यह भजन पसंद आए तो वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। --- 📜 *Bhajan Lyrics (भजन के बोल):* (दोहा - आलाप) ऊँच-नीच हरि ना लखैं, लखैं प्रेम की पीर। रविदास के रूखे टूक में, प्रगट भये रघुबीर।। (मुखड़ा - टेक) (कथावाचक: "अरे संतो! बड़ी गज़ब की बात हुई...") प्रेम का भूखा है गोपाल, प्रेम का भूखा है गोपाल। रविदास की कुटिया में देखो, कैसा भया कमाल।। अरे भाई... कैसा भया कमाल... सांची प्रीत जहाँ होई, वहाँ ना देखे जात। हाँ... सांची प्रीत जहाँ होई, वहाँ ना देखे जात। प्रभु ने प्रेम से खाया, रविदास के हाथ।। (अंतरा १) एक तरफ तो पंडित लोगों ने, छप्पन भोग सजाये। कंचन थाल में मेवे रखे, मंत्र जोर से गाये।। घंटी बाजी, शंख बजा पर, मूर्ति रही है मौन। बिना प्रेम के इन भोगों को, आकर खाये कौन? (अरे भाई, आकर खाये कौन...) (अंतरा २) दूजी तरफ रविदास भगत ने, रूखी रोटी धरी। नैनन से जल धार बही और, विनती प्रभु से करी।। "मैं अछूत हूँ नाथ, पर तेरा प्रेम है पावन। आओ मेरे दीनबंधु, ये रूखा भोग लगावन।।" (निष्कर्ष - छंद) भगत की टेर सुनी जब हरि ने, रहा न गया तनिक भी देर। दौड़ के आये मेरे सांवरिया, तोड़ के सब जग की अंधेर।। स्वयं प्रभु ने हाथ बढ़ाकर, प्रेम से भोजन पाया। देखि जगत दंग रह गया, भेद समझ में आया।। (अंतिम टेक) ना जात बड़ी ना पात बड़ी भाई, बड़ा है सच्चा प्यार। कहैं कथावाचक सुनो, यही है वेदों का सार।। अरे भाई... यही है वेदों का सार... प्रभु ने प्रेम से खाया, रविदास के हाथ।। --- #SantRavidas #PremKaBhukhaHaiGopal #RavidasBhajan #KathaBhajan #KrishnaBhajan #GuruRavidas #BhaktiSong #DesiBhajan #LokKatha 🎶 संत रविदास के भजनों की मधुर धुन में खो जाइए और अपने आत्मिक सफर को समर्पित कीजिए। इस भजन में आपको एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा, जो आपके दिल को छू जाएगा। 🙏 हमारी चैनल पर आपका स्वागत है! यहाँ हम पेश करते हैं संत रविदास के भजन, जो भक्ति, प्रेम और मानवता का संदेश देते हैं। इस विशेष भजन का श्रवण करें और अपने दिन को सकारात्मकता से भरें। संत रविदास का जीवन और शिक्षाएँ हमें अपने भीतर के दिव्य को पहचानने का मार्ग दिखाती हैं। 🌼 भजन का महत्व: यह भजन न केवल आपके मन को शांति प्रदान करेगा, बल्कि आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक जागरूकता भी लाएगा। भजन सुनने से मन में भक्ति और श्रद्धा का संचार होता है, जिससे आप अपने जीवन के कठिन समय में भी संतुलित रह सकते हैं। ✨ इस भजन को सुनें और अपने जीवन को भक्ति और प्रेम से भर दें। साझा करें अपने दोस्तों और परिवार के साथ ताकि सभी इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बन सकें। हम आपके लिए और भी अद्भुत भजन लाते रहेंगे। ✔️ हमें सब्सक्राइब करें और घंटी की आइकन दबाएँ, ताकि हर नए भजन की सूचना आप तक पहुँच सके।