У нас вы можете посмотреть бесплатно Sri Updeshamrit | Class 5 | प्रयास |Smt.Renuka Goswami Ji | Nimaipathshala или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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क्या हम अपनी भक्ति की तुलना दूसरों से करते हैं? क्या हमें ठाकुरजी से भय करना चाहिए या प्रेम? 🤔 इस गहन और प्रेरणादायक कक्षा में “प्रयाशश्च” शब्द का अर्थ श्री रूप गोस्वामी पाद के सिद्धांतों के आधार पर समझाया गया है। यह चर्चा उपदेशामृत के अमूल्य उपदेशों पर आधारित है, जहाँ भक्ति में अनावश्यक प्रयास (ज्ञान-प्रयास) और शुद्ध प्रेममयी भक्ति के बीच का अंतर स्पष्ट किया गया है। ✨ इस कक्षा में जानिए: अपनी भक्ति की तुलना दूसरों से क्यों नहीं करनी चाहिए ठाकुरजी से भय नहीं, प्रेम क्यों आवश्यक है जीवन में भक्ति को स्वभाव कैसे बनाएँ ज्ञान प्राप्त करते समय क्या करें और क्या न करें प्रयास के दो प्रकार और उनका आध्यात्मिक प्रभाव यह वीडियो हर उस साधक के लिए है जो सच्ची भक्ति, संतुलित प्रयास और ठाकुरजी के साथ प्रेमपूर्ण संबंध बनाना चाहता है। यदि आप भक्ति, वैष्णव साहित्य और आध्यात्मिक ज्ञान में रुचि रखते हैं, तो यह कक्षा आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 🙏 वीडियो को Like, Share और Subscribe करना न भूलें। TO JOIN NIMAI PATHSHALA, SEND NIMAI PATHSHALA, NAME & CITY ON WHATSAPP - +91 6394707179 #Updeshamrit #RupaGoswami #BhaktiClass #Vaishnavism #SpiritualGrowth #BhaktiMarg #KrishnaBhakti #SanatanDharma #DevotionalWisdom #HareKrishna 00:00:00 - 00:01:54 मैया का कक्षा में आगमन एवं सभी का स्वागत 00:01:55 - 00:03:44 कक्षा में क्या चर्चा की जाएगी 00:03:45 - 00:05:26 ‘प्रयाशश्च’ का तात्पर्य — श्री रूप गोस्वामी पाद द्वारा 00:05:27 - 00:11:25 अपनी भक्ति की तुलना दूसरों से न करें 00:11:26 - 00:17:39 ठाकुरजी से भयभीत न हों, बल्कि उनसे प्रेम करें 00:17:40 - 00:19:28 जीवन में भक्ति और ठाकुरजी से प्रेम को अपना स्वभाव बनाएँ 00:19:29 - 00:22:14 दूसरों की भक्ति से प्रेरणा लें और अपनी परिस्थिति के अनुसार अपनाएँ 00:22:15 - 00:22:40 जीवन में प्रयास के दो प्रकार 00:22:41 - 00:41:25 ज्ञान प्राप्त करते समय क्या करें और क्या न करें (ज्ञान-प्रयास) 00:41:26 - 00:46:44 उपदेशामृत की अगली कक्षा की झलक 00:46:45 - 00:52:29 समापन संदेश एवं कक्षा का समापन