У нас вы можете посмотреть бесплатно सरकार ए आजम मीरा पहलवान 52 रूपी खिलाड़ी जिन्नातों के बादशाह जात लगाने का तरीका पूजा पाठ की जानकारी или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
52 रूपी खिलाड़ी सरकार जिनके कब्ज़े मे जिन्नात रहते है इनकी महिमा निराली है हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब इनके अनुयायी थे| जगत की महिमा को देखकर लेखको की लेखनी से समय-समय पर अदृश्य शक्ति से मानव को आश्चर्य चकित कर देती है| जिनकी सच्चाई सिर्फ़ इनके सच्चे भक्त जानते है| पिछले 700 वर्ष से अबतक इन्होने अजब शक्ति समय-समय पर दिखा रहे है| मुस्लिम मे नियाज़ लगाई जाती है, हिंदूो मे यह पूजा बताई जाती है, इनका मुख्या स्थान अजमेर शरीफ के उपर तारागढ़ मे स्थित है इनके अलावा दूसरा स्थान अमरोहा धाम, तीसरा स्थान जिला जलेसर मे, चौथा स्थान गांव खेरा अतरोली जिला अलीगढ़, पाँचवा स्थान गढ़रेती जिसको मीरा की रेती बोलते है| इसके अलावा मीरा धाम व बाबा के श्रदालुओ की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है| दिल्ली मे इनका स्थान दिलशाद कॉलोनी स्थित जैनका धाम नाम से . प्रसिद है इसके अतिरिक्त मैंन करामाती स्थान सददो का मुहल्ला अमरोहा मे स्थित है | मीरा बाबा के भक्त कुछ लोग मीरा बाबा की महिमाओ को नही जानते| बाबा की महिमा को पहले जानो फिर मानो| मामा भांजा दोनो सरकार एक ही है| दोनो की पूजा एक ही समान होती है | मीरा जैनका और घर के बुजुर्ग पित्तर जितने भी है फिर जैनका बाबा की ज्योति उठाए, उस पर लौंग के जोड़े चढ़ाए अपने पूज्य देवी-देवताओ और पित्तर व बुजुर्ग जो भगवान को प्यारे हो गये हो, सबके नाम के लौंग के जोड़े चढ़ाए चामढ़ माता भूमिया जो कॉलोनी व बस्ती के मालिक होते हैं इनका नाम लेना न भूलें| इनकी पूजा सोमवार के दिन होती है| और इनको नहलाया जाता है और कच्चे दूध, गंगा जल और नल के पानी से नहलाया जाता है| इनकी अठावरी आठ पूडी लेकर या हलवा या बतासे लेकर इनका भोग चढ़ाया जाता है | इनकी घर में सोमवार के दिन जोत उठाई जाती है| इनके साथ घर के पित्तरो का नाम लेकर जल का लोटा भरें आपके देवता का घर में स्थान नही है तो पित्तरो के नाम का लोटा पीपल के पेड़ पर चढ़ाए| जीतने भी ह्मारे घर के अरूत सबका नाम लेकर पीपल पर चढ़ाए उसके बाद कपूर की टिक्की लें और पीपल की जड़ पर रखें और जोत जलाए | लौंग का जोड़ा चढ़ाकर , घी का चिराग जलाकर नमस्कार कर के हाथ जोड़ विनती करें| अपने देवी देवताओ और पित्तरो को हाथ जोड़कर याद करें| बुधवार के दिन नहा धोकर बाबा को जल व लोटे चढ़ाए| नमकीन, मीठा, फीका तीनो लोटे चढ़ाए इसके बाद घर के अरूत पित्तर के लोटे चढ़ाना न भूले कच्चा दूध व गंगा जल व ताजी जल भर कर चढ़ाए मीरा बाबा के भक्तो सबसे पहले हिंदू धर्म में देवी देवता और भगवान से पित्तर पूजा बहुत ज़रूरी है| संतान पाने के लिए व अनेक कामो की मनोकामना के लिए पित्तर पूजा करें| पित्तर पूजा करने के बाद जो गंगा जी अमावस्या पूर्णमासी नहाता है और उसके बाद जो पैरावनी करता है उनके घर के पित्तर शांत होते है| खुश होते हैं| और वे परमेश्वर पिता से हाथ जोड़कर विनती करते है जिससे हमारी मनोकामना पूरी हो जाती है इसलिए गीता महाभारत का संदेश है| सुबह प्रातः सूर्य उदय के समय इसके अतिरिक्त मीरा बाबा के लोटे बुधवार व शनिवार को चढ़ाए जाते है| पहला लोटा पानी का भरकर उसमे चीनी या बताशे डालें| दूसरा लोटे मे नमक डाले, तीसरा लोटा फीका| तीनो लौटो मे लौंग का जोड़ा डालना ज़रूरी है| मीरा बाबा का दिन बुधवार है| भान्जे का दिन शनिवार है| इन मामा भान्जे की पूजा एक साथ होती है| मीरा के बगैर जैनका अधूरे हैं| और जैनका के बिना मीरा अधूरे है| लोटे चढ़ाने के बाद बुध के दिन बाबा के स्थान पर आए क्योकि सबसे पहले मीरा बाबा की चिरगी लगती है तो पहले उसे लगाए और उसके बाद जैनका बाबा की चिरगी लगाए. इन सबके बाद माता रानी की चिरागी लगाए. एक बात विशेष ध्यान केवल महिलाए रखें की कमाल ख़ान सेय्यद की चिरगी से हाथ न लगाए केवल दूर से ही हाथ जोड़ कर नमस्कार करें. शादी के जोड़े की जात मीरा बाबा की जात लगती है| इस जात को लगाना न भूले| शादी के जोड़े की गाँठ बाँध कर जात लगाई जाती है| घर मे जन्म लेने वाले पहले बच्चे के बाल मुंडन किए जाते है| बाबा के दरबार मे बहुत से लोग सातिया काड के आते है, बाबा झोली भरते है| मीरा बाबा की निकासी की तैयारियाँ मंगलवार के दिन प्रातः पवित्र होकर घर मे पूजा करें. लोटे चढ़ाए इसके बाद मान (बहिन या भांजा) को बुलाए व माता पिता को लेकर व भक्त या गुरु को साथ लेकर स्थान पर जाकर चिराग लगाए और अगरबत्ती लगाकर पूजा करके जब खाना खाए| सामग्री: 3 चादर, २ नारियल व पूजा का समान दुकान से ले| मंगलवार रात 12 बजे के बाद मीरा बाबा का दिन लग जाता है| फिर मीरा बाबा की चादर चढ़ाकर, फिर जैनका बाबा की चादर चढ़ाकर , फिर माता काली की चुननी चढ़ाए| सच्चे दिल से नमस्कार कर अपने आप को बाबा , माता के समक्ष अर्पण कर के घर पर आकर मीठा त्योहार करे या जिनके घर मे नौन मिर्च का त्योहार होता है करे| या आप बाबा के दर्शन करने गये हो तो दर्शन करके घर पर आकर या .सवैया (कढ़ाई) करे| जय मीरा बाबा की | मीरा बाबा पानी पी जाएँगे हमारे सब संकट दूर कर जाएँगे, जय मीरा बाबा की जय आषाढ़ माह कार्तिक के महीने मे भी मीरा बाबा की जात लगती है| नवरात्रो मे पूजा होती है| बाबा का मीठा त्योहार जिस प्रकार मनुष्य तरह-तरह के ख़ान-पान का आनंद लेते है उसी तरह बाबा को मीठा, फीका, नमकीन आदि का भोग लगाया जाता है| हम मीठा पसंद करते है| बाबा भी मीठे पर ही खुश रहते है| हम नोन मिर्च खाते है बाबा भी श्रदा से भोग लेते है| हमारे पूज्यनीय मीरा बाबा कभी किसी की पूजा को मना नही करते| जैसे बालाजी , साँई बाबा या पचोटे वाले या खोली वाले बाबा, सभी पूजो को मानना ज़रूरी है| मीरा बाबा के सोबर मे सबेयय कढ़ाई होती है| मीठे पूए व सामग्री, चावल की सैनक से मामा भान्जे दोनो की पूजा करे, सवेय्या के पैसे उठाकर रखे जिससे होने वाली संतान बिना कष्ट व संकट के जन्म लेती है| और कोई परेशानी जच्चा-बच्चा को नही होती| श्री गुरुजी महाराज👑 राम भईया भगत जी, सोनी दीदी भगत जी :-08527233646- Facebook rambhiyabagatji YouTube bagatji ka tona totk