У нас вы можете посмотреть бесплатно क्यों कोई स्त्री निस्संतान रह जाती है और क्यों टूटता है सुहाग? | 4 सच्ची कथाएँ | или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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प्रिय भक्तों, आज का यह वीडियो आपके जीवन की दिशा बदल सकता है। क्षीरसागर में माता लक्ष्मी ने भगवान नारायण के चरणों में बैठकर वो प्रश्न पूछे जो हर स्त्री के मन में होते हैं— कि क्यों किसी को पुत्र-सुख नहीं मिलता और क्यों कोई समय से पहले विधवा हो जाती है? 🙏क्या कोई निस्संतान इसलिए रह जाती है कि भगवान उस पर कृपा नहीं करते? क्यों किसी को पुत्र-सुख मिलता है और कोई कम उम्र में ही विधवा हो जाती है? क्या यह सब सिर्फ़ भाग्य है या हमारे ही कर्मों की परछाई? इन्हीं गहरे सवालों का जवाब मिलता है आज की इस दिव्य पौराणिक कथा में, जब क्षीरसागर में माता लक्ष्मीजी ने भगवान विष्णु के चरण दबाते हुए निस्संतानता, पुत्र-सुख और वैधव्य के बारे में 7 अद्भुत प्रश्न पूछे। 🙏 लक्ष्मी–विष्णु का दिव्य संवाद – जब त्रिलोकी इन प्रश्नों से थर्रा उठीl 🙏 सेठ धनपति की बहू सुकन्या – सास के श्राप, कर्म और संतान-सुख की सच्चाई 🙏ईर्ष्या से भरी मालविका – क्यों उसकी कोख सूनी रह गई, जबकि सब कुछ था उसके पास 🙏 वसुंधरा का वैधव्य – कैसे लालच, स्वार्थ और चरित्र–भंग ने सात बार उसका सुहाग छीना 🙏 तेजस्विनी का परिवर्तन – कैसे सेवा, भक्ति और प्रायश्चित्त से सूना आँगन किलकारी से भर गया 🙏 कौन–कौन से कर्म स्त्री के भाग्य से पुत्र-सुख और सौभाग्य को क्षीण कर देते हैं 🙏 और कैसे बदला जा सकता है कर्म के ज़रिए अपना भाग्य यह केवल कहानी नहीं, हर गृहस्थ स्त्री–पुरुष के लिए जीवन का आइना है – जो हमें यह सिखाती है कि: “संसार में कोई भी जीव अपने कर्मों से ऊपर नहीं, पर जो समय रहते अपने कर्म बदल लेता है, उसका भाग्य भी बदल जाता है।” 🔔 वीडियो को अंत तक ज़रूर देखिए, क्योंकि अंतिम कथा में जो रहस्य खुलता है, वह आपके हृदय को भीतर तक छू जाएगा और शायद आपकी आँखें भी नम हो जाएँ… आपसे छोटी सी प्रार्थना अगर इस कथा ने • आपके दिल को छुआ हो, • आपकी आँखों में नमी लाई हो, • या आपके भीतर कोई नई समझ जगाई हो, तो कमेंट में ज़रूर लिखिए: 👉 “जय श्री हरि, जय महालक्ष्मी” 👉और इस वीडियो को अपने परिवार, मित्रों, माता–बहनों और उन सबके साथ शेयर कीजिए जो निस्संतानता, दुख या मानसिक पीड़ा से गुज़र रहे हैं, ताकि यह संदेश केवल आपके तक नहीं, अनगिनत घरों तक पहुँच सके। यह केवल कहानी नहीं, हर गृहस्थ स्त्री–पुरुष के लिए जीवन का आइना है – चैनल को Subscribe ज़रूर कीजिए ऐसी ही और • पौराणिक कथाएँ • प्रेरणादायक आध्यात्मिक प्रसंग • कर्म, भाग्य और भक्ति को समझाने वाली बातें नियमित सुनने के लिए 🔔 Subscribe कीजिए और Bell Icon दबाइए, ताकि अगली कथा का नोटिफिकेशन आप सबसे पहले पाएँ। Searchable keywords Laxmi Vishnu Samvad, Pauranik Katha, Nissantanta ka karan, Vidhwa hone ka karan, Karmo ka phal, Story of Lord Vishnu, Goddess Lakshmi questions, Putra sukh ki prapti, Bhagya badalne wali katha, Religious stories in Hindi, Devotional content for women.लक्ष्मी विष्णु संवाद, निस्संतानता की कहानी, पुत्र सुख कैसे मिले, वैधव्य का कारण, पौराणिक कथा हिंदी में, धार्मिक कहानी हिंदी, सरल हिंदी में पौराणिक कथा, भाग्य और कर्म की कहानी, विष्णु लक्ष्मी संवाद कथा, निस्संतान स्त्री के कारण, गर्भवती स्त्री का अपमान, दूसरों के बच्चों से ईर्ष्या, कर्म और भाग्य का संबंध, हिंदू धर्म कथाएँ, motivational pauranik story, Vishnu Lakshmi katha, putra prapti katha hindi, nissantan mahila kahani, vidhwa yog ka karan, dharmic kahani for women, #jaishrihari #jaimahalaxmi #pauranikkatha #hindistory #vishnulaxmi #karmaurbhagya #nissantan #putrasukh #vidhwajog #dharmicstories #spiritualstories #hindidharm #sanatandharma #lakshmikatha #vishnukatha Disclaimer (कृपया अवश्य पढ़ें) यह वीडियो धार्मिक–पौराणिक कथाओं, आस्था और आध्यात्मिक प्रेरणा पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार से • निस्संतान स्त्रियों, • विधवा स्त्रियों, • या किसी भी व्यक्ति का अपमान, दोषारोपण या हीन भावना पैदा करना नहीं है। ⚠️ संतान-सुख और वैवाहिक जीवन से जुड़े कई कारण चिकित्सकीय (medical), मानसिक और सामाजिक भी होते हैं। कृपया आवश्यक होने पर डॉक्टर, काउंसलर या विशेषज्ञ से अवश्य सलाह लें। यह कथा केवल आध्यात्मिक दृष्टि से कर्म और भाग्य को समझाने का प्रयास है, इसे किसी भी स्थिति में अंतिम सत्य या अनिवार्य नियम न माना जाए।