У нас вы можете посмотреть бесплатно प्रतिरोधों का समांतर क्रम (पार्श्व क्रम) संयोजन Parallel Combination of Resistances. или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
प्रतिरोध क्या है प्रतिरोध का मात्रक क्या है समांतर क्रम प्रतिरोध क्या है पार्श्व क्रम संयोजन क्या है पार्श्व क्रम संयोजन किसे कहते हैं प्रतिरोधों का संयोजन कितने प्रकार का होता है तो इस वीडियो में प्रतिरोधों के संयोजन के बारे में बहुत ही अच्छे ढंग से आप लोगों को बताया गया है आशा करता हूं कि यह वीडियो आप लोगों को पसंद आएगी अगर यह वीडियो आप लोग पसंद आए तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करना अपने दोस्तों में शेयर जरूर करना और हमें कमेंट करना मत भूलना नमस्कार प्रतिरोधों का श्रेणी व समान्तर क्रम संयोजन✅विद्युत Electricity एक क्लास में समाप्त✅Class 10 Science Complete Chapter : / li... Class 10 Hindi Medium #board2024 Download the App Now 🔥 Link- https://play.google.co... Course कैसे लें??✅ Link- • How to buy Batch on Gy... App का उपयोग कैसे करें??✅ Link- / li... GYANODAY Class 11th✅ Link- / @gyanodayclass11and12 GYANODAY Class 9th✅ Link- / @gyanodayclass9th #gyanodaykegurujii #Shivam_Dwivedi #NCERTsolution Thank you so much प्रतिरोधों के संयोजन (Combinations of Resistances) के बारे में मैंने इस वीडियो के अंतर्गत बताया है जिसमें बहुत-से प्रयोगात्मक कार्यों में दो अथवा दो से अधिक प्रतिरोधों को संयोजित करने की आवश्यकता होती है। साधारणत:प्रतिरोधों को संयोजित करने की दो रीतियाँ हैं- (1) श्रेणीक्रम में (2) समान्तर-क्रम में (1) श्रेणीक्रम में (In Series)-श्रेणीक्रम संयोजन में प्रतिरोधों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि प्रत्येक प्रतिरोध का दूसरा सिरा अगले वाले प्रतिरोध के पहले सिरे से जुड़े। इस प्रकार इस संयोजन में सभी प्रतिरोधों में एक ही धारा प्रवाहित होती है। (2) समान्तर-क्रम में (In Parallel)-समान्तर-क्रम संयोजन में प्रतिरोधों को इस प्रकार जोड़ा जाता है कि सभी के पहले सिरे एक बिन्दु से तथा दूसरे सिरे एक दूसरे बिन्दु से जुड़े। इस प्रकार के संयोजन में सभी प्रतिरोधों के सिरों के बीच एक ही विभवान्तर होता है। तुल्य-प्रतिरोध (equivalent resistance) तुल्य-प्रतिरोध वह प्रतिरोध है जिसे यदि जुड़े हुए प्रतिरोधों के स्थान पर लगा दें तो वैद्युत परिपथ की धारा पर कोई प्रभाव न पड़े। प्रतिरोधों के संयोजन | pratirodh ka sanyojan | Combinations of Resistances in hindi | physics