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labbaik ya ali mola .... zakhmi sar ya haider 21 ramzan new noha 2026 Title _zakhmi sar ya haider Poet _asghar abedi _abuzar irani composed _abuzar irani audio _tz production vidio _inzamam Hussain lanat bar dushmane mola ali *बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम* या ज़हरा स अ ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर है ख़ुदा के घर में ग़मज़दा मंज़र *रोक के मुरग़ाबियाँ क़दम उनके* क़दमों से लिपट के बोली रो रो के आक़ा आज आप घर से न जाएँ दिल बड़ा है मुज़्तरिब, ज़रा ठहरे या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर सर झुकाए चल पड़े सूए मस्जिद सुर्ख़ हो रहा था आसमाँ लोगों दी अज़ान आए फिर मुसल्ले पर नींद से जगा के अपने क़ातिल को या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर कैसा ये लईन ने सितम ढाया कर दिया है सर अलीؑ का दोपारा हर तरफ़ से शोर गिरिया का उठा कैसा ये फ़लक़ ने वक़्त दिखलाया या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर ख़ून में अपने नहा गए मौला कैसा ये ग़ज़ब हुआ है वावीला कोई जा के कैसे दे ख़बर उसको मुज़्तरिब है घर में ज़ैनब-ए-कुब्रा या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर *बेटे भी तड़प रहे हैं मस्जिद में* उठ रहा है साया बाप का सर से सोचते हैं घर में कैसे ले जाये बेटियाँ उठाएंगी ये ग़म कैसे या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर लाए जब पकड़ के इब्ने मुलजिम को मौला ने पिलाया शीर ज़ालिम को ये अता, सख़ा कहाँ पे मिलती है छान कर तो देखो सारे आलम को या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर *जाएँ अब कहाँ यतीम कूफ़ा के* कौन आ के अब उन्हें दिलासा दे हर जगह सदाएँ देंगे रो रो के ऐ हमारे मौला! लौट कर आए या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर *जो तुझे सताए उस पे भी लानत* जो तुझे रुलाए उस पे भी लानत घर तेरा जलाए उस पे भी लानत हक़ तेरा जो खाए उस पे भी लानत या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर हाँ करेंगे इसको ज़िंदा हैं जब तक कर रहे हैं ज़िक्र उनका सदियों से चाहे हों धमाके या गिरें लाशें हम नहीं रुकेंगे अब रुकाने से या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर *कैसे वो बचेंगे आ के महशर में* हक़ का जब सवाल किबरिया कर ले मुस्तफ़ाؐ भी आ के उनसे जब पूछे क्यों किया था ज़ुल्म तुमने हैदरؑ पे या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर अब करो सवाल अबूज़र व असग़र क्या अली नहीं थे एक सख़ी रहबर नासिर-ए-नबी व साक़ी-ए-कौसर क्यों चला है उन पे ज़ुल्म का ख़ंजर या अली हैदर क्या हुआ हैदर ये सितम ज़ख़्मी सर है ख़ून में तर या हैदर #21ramzan #mirhasanmir #iranisraelwar #agha khamenai#21ramzan2026 ₹newnohay#nadeemsarwar#farhaanaliwaris #meesumabbas