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कार सुरक्षा रेटिंग, यह निर्धारित करने के लिए एक महत्वपूर्ण माप है कि कोई कार दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को कितनी सुरक्षा प्रदान करती है। ये रेटिंग 0 से 5 स्टार तक दी जाती हैं, जिसमें 5 स्टार सबसे सुरक्षित होता है। भारत में, पहले Global NCAP (New Car Assessment Programme) जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा कारों का मूल्यांकन किया जाता था, लेकिन अब भारत का अपना Bharat NCAP (BNCAP) प्रोग्राम है। कार सुरक्षा रेटिंग के प्रकार (Types of Car Safety Ratings) मुख्य रूप से, कार की सुरक्षा का मूल्यांकन दो प्रमुख श्रेणियों में किया जाता है: वयस्क यात्री सुरक्षा (Adult Occupant Protection): यह इस बात का आकलन करता है कि दुर्घटना की स्थिति में कार वयस्क यात्रियों, यानी ड्राइवर और सामने बैठे यात्री को कितनी सुरक्षा प्रदान करती है। बाल यात्री सुरक्षा (Child Occupant Protection): यह इस बात का आकलन करता है कि कार बच्चों को कितनी सुरक्षा प्रदान करती है, खासकर चाइल्ड सीट के साथ। सुरक्षा रेटिंग के पैरामीटर्स (Parameters for Safety Ratings) कार की सुरक्षा रेटिंग कई कठोर क्रैश टेस्ट और अन्य कारकों पर आधारित होती है। इनमें से कुछ प्रमुख पैरामीटर्स हैं: फ्रंट क्रैश टेस्ट (Front Crash Test): इस टेस्ट में, कार को एक बाधा से टकराया जाता है। यह देखा जाता है कि टक्कर के दौरान कार का ढांचा कितना स्थिर रहता है और यात्रियों के शरीर के अंगों (सिर, गर्दन, छाती, जांघ, आदि) को कितनी चोट लगती है। साइड इम्पैक्ट टेस्ट (Side Impact Test): इस टेस्ट में, कार के साइड से एक बाधा टकराई जाती है। यह मूल्यांकन करता है कि साइड से टक्कर होने पर यात्रियों को कितनी सुरक्षा मिलती है। पोल इम्पैक्ट टेस्ट (Pole Impact Test): कुछ रेटिंग एजेंसियों द्वारा इस टेस्ट में कार को एक पोल से टकराया जाता है ताकि यह देखा जा सके कि पोल से टकराने पर कार कैसा प्रदर्शन करती है। इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC): यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विशेषता है जो कार को मोड़ लेते समय फिसलने से रोकती है। उच्च रेटिंग वाली कारों में यह फीचर अनिवार्य होता है। एयरबैग (Airbags): ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा के लिए कार में एयरबैग्स की संख्या और उनके स्थान की जाँच की जाती है (जैसे- फ्रंट, साइड, कर्टेन एयरबैग्स)। सीटबेल्ट रिमाइंडर (Seatbelt Reminder): यह सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि सभी यात्री सीटबेल्ट पहनें। ISOFIX चाइल्ड माउंट्स: यह बच्चों की सीटों को सुरक्षित रूप से लगाने के लिए एक मानक सुविधा है। इसकी मौजूदगी और गुणवत्ता भी रेटिंग को प्रभावित करती है। एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS): कुछ आधुनिक सुरक्षा रेटिंग प्रोटोकॉल ADAS जैसी सुविधाओं को भी ध्यान में रखते हैं, जिसमें ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट, आदि शामिल हैं। स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी (Structural Integrity): क्रैश टेस्ट के दौरान कार के ढांचे (body shell) की स्थिरता का मूल्यांकन किया जाता है। एक स्थिर ढांचा यात्रियों को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है। happy Learning..... "Zidd jeet ki "