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क् या सरकार तय करेगी मौत का अधिकार? Supreme Court के फैसले पर सियासी घमासान! भारत में जीवन के अधिकार (Right to Life) को लेकर एक ऐतिहासिक बहस फिर से तेज हो गई है। Supreme Court of India ने एक ऐसे व्यक्ति के मामले में बड़ा फैसला दिया है जो लंबे समय से vegetative state में है। बेंच में शामिल न्यायाधीश Justice J. B. Pardiwala ने यह स्पष्ट किया कि कुछ परिस्थितियों में ‘Right to Die with Dignity’ को भी मानव गरिमा से जोड़ा जा सकता है। लेकिन इस फैसले के बाद कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: • क्या Right to Life में Right to Die भी शामिल है? • क्या इससे Passive Euthanasia को और बढ़ावा मिलेगा? • क्या सरकार और चिकित्सा प्रणाली इस अधिकार का दुरुपयोग कर सकती है? • क्या यह फैसला भारत की नैतिक, धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था को चुनौती देता है? राजनीतिक स्तर पर भी बहस तेज हो सकती है क्योंकि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार और स्वास्थ्य नीति से जुड़े मुद्दे इसमें सामने आते हैं। इस वीडियो में हम समझेंगे: • Supreme Court का पूरा फैसला • Passive Euthanasia क्या है • UPSC के लिए इसके संवैधानिक और नैतिक आयाम • और क्यों यह फैसला भारत में नई बहस शुरू कर सकता है। #RightToDie #SupremeCourt #PassiveEuthanasia #IndianJudiciary #UPSC #IndianPolity #JusticePardiwala #NarendraModi #ConstitutionOfIndia #EthicsDebate #CurrentAffairs #UPSC2026