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"इंसाफ मिला या बर्बादी? 1 साल बाद मिले ट्रक, कबाड़ हालत में! #BageshwarNews #JusticeDelayed #UttarakhandPolice #HighCourtVerdict #TruckOwners #CompensationDemand #JusticeDenied #localnews31 #sureshpandey #लोकलन्यूज31 #बागेश्वर_न्यूज #उत्तराखंड_पुलिस #हाईकोर्ट_का_फैसला #वाहन_स्वामी #ट्रक_मालिक #न्याय_में_देरी इंसाफ मिला या बर्बादी? बागेश्वर में 1 साल बाद सीज वाहन हुए आजाद, पर कबाड़ की हालत में! खबर का विवरण: बागेश्वर से एक बेहद मार्मिक और गंभीर मामला सामने आया है। कथित अवैध माल ढुलान के आरोप में बागेश्वर पुलिस द्वारा एक साल पहले सीज किए गए ट्रक, डंपर और अन्य वाहनों को आखिरकार हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने वाहन स्वामियों को बेगुनाह मानते हुए वाहनों को रिलीज करने के आदेश दिए हैं। लेकिन, जब एक साल के लंबे इंतजार के बाद मालिक अपनी गाड़ियां लेने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस की कथित सुरक्षा में खड़े इन वाहनों के शीशे टूटे हुए हैं, लाइटें क्षतिग्रस्त हैं और कीमती वायरिंग कटी हुई है। एक साल तक खड़े रहने के कारण टायर सड़ चुके हैं और बैटरियां पूरी तरह खराब हो गई हैं। मुख्य बिंदु: Justice Delayed is Justice Denied: बिना अपराध के एक साल तक वाहनों का खड़ा रहना मालिकों के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बना। लापरवाही का सवाल: पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद वाहनों की ऐसी दुर्दशा कैसे हुई? मुआवजे की मांग: पीड़ित वाहन स्वामियों ने अब सरकार और प्रशासन से वाहनों की क्षति का मुआवजा, इंश्योरेंस और टैक्स में छूट की मांग उठाई है। क्या सिस्टम की इस गलती का हर्जाना इन गरीब वाहन चालकों को भुगतना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें।