У нас вы можете посмотреть бесплатно राज्य सूचना आयोग व बहुविकल्पीय प्रश्न или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
राज्य सूचना आयोग (State Information Commission) – डिस्क्रिप्शन राज्य सूचना आयोग की स्थापना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 15 के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा देना है। 🔹 संरचना (Composition) राज्य सूचना आयोग में शामिल होते हैं— राज्य मुख्य सूचना आयुक्त (State Chief Information Commissioner) राज्य सूचना आयुक्त (State Information Commissioners) इनकी संख्या राज्य सरकार आवश्यकता अनुसार तय करती है। 🔹 नियुक्ति (Appointment) नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। चयन समिति में शामिल होते हैं— मुख्यमंत्री (अध्यक्ष) विधानसभा में विपक्ष के नेता मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक मंत्री 🔹 कार्यकाल (Tenure) कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो) तक होता है। पुनर्नियुक्ति की अनुमति नहीं है। 🔹 मुख्य कार्य (Functions) राज्य सूचना आयोग के प्रमुख कार्य— राज्य के लोक सूचना अधिकारियों (PIO) के निर्णयों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई सूचना न देने या गलत सूचना देने पर जुर्माना लगाना RTI अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी राज्य सरकार को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना 🔹 शक्तियाँ (Powers) राज्य सूचना आयोग को— सिविल कोर्ट जैसी शक्तियाँ प्राप्त हैं रिकॉर्ड तलब करने, गवाह बुलाने की शक्ति प्रतिदिन ₹250 के हिसाब से अधिकतम ₹25,000 तक जुर्माना लगाने का अधिकार 🔹 महत्व (Importance) भ्रष्टाचार पर अंकुश नागरिकों को सूचना का अधिकार सुनिश्चित करना शासन में पारदर्शिता व उत्तरदायित्व