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श्री राधे! स्वागत है आपका 'Shiwani Radha Rani Kripa' चैनल पर। 🙏 आज के इस विशेष सत्संग में पूज्य श्री हित प्रेमानंद जी महाराज हमें जीवन की एक बहुत गहरी और गुप्त सच्चाई बता रहे हैं। महाराज जी कहते हैं कि यदि एक साधक को भक्ति के मार्ग पर निर्विघ्न आगे बढ़ना है, तो उसे स्वप्न में भी किसी को "अपना" नहीं मानना चाहिए। माया बहुत चतुर है; वह पहले झुककर आती है और फिर साधक को मोह के जाल में फंसाकर उसके मार्ग में बाधा खड़ी कर देती है। इस वीडियो के मुख्य बिंदु:- किसी को अपना क्यों न मानें? – महाराज जी ने बताया है कि जिसे आप अपना मानेंगे, वही आपके भजन में विक्षेप डालेगा। माया की चतुराई – माया कभी चुनौती देकर नहीं, बल्कि बड़ी नम्रता से आती है और फिर साधक को रुलाती है। दया की सीमा – साधु और साधक को दया कब और कैसे करनी चाहिए ताकि उनकी अपनी साधना सुरक्षित रहे। हृदय की कठोरता – भक्ति मार्ग पर हृदय को नारियल की तरह (बाहर से कठोर और अंदर से कोमल) कैसे रखें? ईर्ष्या का घातक परिणाम – ईर्ष्या कैसे बड़े-बड़े साधकों की तपस्या को नष्ट कर देती है और इससे कैसे बचें? अगर आप भी अपनी साधना को अटूट बनाना चाहते हैं और श्री राधा रानी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस वीडियो को अंत तक जरूर देखें। वीडियो को Like करें, Comment में 'राधे-राधे' लिखें और चैनल को Subscribe करना न भूलें! 🌸 #PremanandJiMaharaj #ShiwaniRadhaRaniKripa #Satsang #Vrindavan #RadheRadhe #Bhakti #Maya #SpiritualHindi #PremanandJiVachan #ShriRadha #VrindavanRasDhara डिस्क्लेमर (Disclaimer):- अस्वीकरण: यह वीडियो विशुद्ध रूप से आध्यात्मिक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए बनाया गया है। इस वीडियो में साझा किए गए विचार और प्रवचन परम पूज्य श्री हित प्रेमानंद जी महाराज के हैं। 'Shiwani Radha Rani Kripa' चैनल महाराज जी के पावन संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने का एक प्रयास है। हम महाराज जी और उनके संस्थान के प्रति पूर्ण निष्ठा और सम्मान रखते हैं।