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जय श्री राम], आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक बहुत ही भावपूर्ण और जोश से भरा कव्वाली भजन "राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से"। यह भजन हमें उस समय की याद दिलाता है जब हमने पहली बार रामायण के माध्यम से प्रभु श्री राम के आदर्शों, उनके त्याग और उनके अदम्य साहस को पहचाना था। भगवान राम का चरित्र न केवल पूजनीय है, बल्कि हर मनुष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस भजन के माध्यम से हमने उनके 'मर्यादा पुरुषोत्तम' रूप और उनके पराक्रम को याद करने की कोशिश की है। भजन के मुख्य आकर्षण: प्रभु राम का मर्यादा और त्याग भरा चरित्र। बुराई पर अच्छाई की जीत और रावण का अहंकार मिटाना। रामायण के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा। 🎵 भजन के बोल (Lyrics): राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। मन में बसी है छवि तुम्हारी, तुम ही हो मेरे पालनहारी। मर्यादा की मूरत तुम हो, ममता की एक सूरत तुम हो। त्याग और तप की तुम हो कहानी, दुनिया है तुम्हारी महिमा की दीवानी। भक्ति का मार्ग मिला है तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। राम तुम्हें जानता हूँ तब से... राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। मन में बसी है छवि तुम्हारी, तुम ही हो मेरे पालनहारी। हनुमत के तुम प्राण आधार, कर दो प्रभु मेरा भी उद्धार। चरणों में तेरे जीवन बिताऊँ, हर पल बस तेरा नाम ही गाऊँ। जुड़ा है नाता तुमसे तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। मन में बसी है छवि तुम्हारी, तुम ही हो मेरे पालनहारी। एक ही बाण से सागर सुखाया, दशशीश का सारा अहंकार मिटाया। अद्भुत पराक्रम, बल के स्वामी, तुम हो चराचर के अंतर्यामी। दुष्टों का भय मिटा है तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। राम तुम्हें जानता हूँ तब से... राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। मन में बसी है छवि तुम्हारी, तुम ही हो मेरे पालनहारी। पिता के वचन पर राज-पाट त्यागा, मर्यादा की राह में कोई न था आधा। शत्रु को भी जिसने दिया मान है, वो ही तो मेरा करुणा-निधान है। जीने की राह मिली है तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। राम तुम्हें जानता हूँ तब से... राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। मन में बसी है छवि तुम्हारी, तुम ही हो मेरे पालनहारी। शक्ति और शील के संगम हो तुम, हर हृदय की मधुर सरगम हो तुम। जैसा कहा वैसा जी कर दिखाया, तभी तो तुमने राम-राज्य पाया। तुमको ही आदर्श माना है तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। राम तुम्हें जानता हूँ तब से... राम तुम्हें जानता हूँ तब से, राम तुम्हें जानता हूँ तब से, रामायण देखी है मैंने जब से। रामायण देखी है मैंने जब से। रामायण देखी है मैंने जब से।................. Video Credits: Lyrics: Amit Pathak Category: Devotional / Bhajan Channel: @familyofamit जुड़े रहें: अगर आपको यह भजन पसंद आया हो, तो कृपया Like करें, Comment में 'जय श्री राम' लिखें और हमारे चैनल को Subscribe करना न भूलें ताकि आप हमारी अगली भक्ति रचनाएँ सबसे पहले देख सकें। #RamBhajan #Ramayan #JaiShreeRam #DevotionalSong #BhajanQawwali #RamBhajan2026 #FamilyOfAmit #hindibhajan #JaiShreeRam #RamBhajan #Ramayan #ShreeRam #Bhajan2026 #DevotionalSongs #HindiBhajan #RamStatus #Ayodhya #BhaktiSong #RamSiyaRam #MaryadaPurushottam #QawwaliBhajan