У нас вы можете посмотреть бесплатно जब अपने भक्त की गवाही देने के लिए प्रभु जगन्नाथ स्वयं कई कोस दूर पैदल चलकर आए थे 👀😱🙌🏻 । или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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🎤 संशोधित स्क्रिप्ट अंश यह कथा है प्रभु जगन्नाथ और उनके परम भक्त धनंजय शर्मा की। धनंजय शर्मा पुरी धाम में रहते थे। वे प्रभु जगन्नाथ के अनन्य भक्त थे – निष्कपट, निस्वार्थ और पूर्ण श्रद्धा से भरे हुए। एक बार धनंजय शर्मा पर झूठा आरोप लगाया गया। उन्हें अपने पूरी गांव में न्यायालय में गवाही देनी थी, पर उनके पास कोई साक्षी नहीं था। धनंजय ने प्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना की – “हे प्रभु! यदि मैं सच्चा हूँ, तो आप ही मेरी गवाही दीजिए।” भक्त की पुकार व्यर्थ नहीं जाती। प्रभु जगन्नाथ ने कहा – “मैं तेरे साथ चलूँगा, पर तू पीछे मुड़कर मुझे नहीं देखेगा।” तब प्रभु पुरी धाम से मथुरा तक अपने भक्त के साथ पैदल चले। काँटे, धूप, वर्षा – सब सहते हुए धनंजय वचन निभाता रहा और पीछे नहीं मुड़ा। मथुरा पहुँचकर जब धनंजय ने कहा – “मेरे साक्षी स्वयं प्रभु जगन्नाथ हैं,” तो सब हँस पड़े। पर तभी चमत्कार हुआ— जिस मार्ग से वे आए थे, वहाँ प्रभु के दिव्य चरण-चिह्न प्रकट हो गए। धनंजय निर्दोष सिद्ध हुआ, और संसार ने देख लिया कि— जहाँ सच्ची भक्ति होती है, वहाँ भगवान स्वयं चलकर आते हैं। जय जगन्नाथ 🙏 📝 संशोधित डिस्क्रिप्शन यह कथा है पुरी धाम के भक्त धनंजय शर्मा और प्रभु जगन्नाथ की अद्भुत लीला की। जब धनंजय शर्मा पर मथुरा में झूठा आरोप लगा, तो प्रभु जगन्नाथ अपने भक्त की गवाही देने के लिए पुरी धाम से मथुरा तक पैदल चलकर आए। यह कथा सिखाती है कि— “जहाँ सत्य और भक्ति है, वहाँ भगवान स्वयं उपस्थित होते हैं।” ऐसी ही और भक्ति कथाओं के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें 🙏 जय जगन्नाथ | जय श्री कृष्ण 🌸