У нас вы можете посмотреть бесплатно श्री हित चौरासी पद गायन 34-36 | Shri Hit Chaurasi ji हिन्दी lyrics или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
श्री हित हरिवंश जी के हित चौरासी के पद 34, 35 और 36 — रसिक वैष्णव परंपरा के उन अमूल्य पदों में से हैं, जहाँ राधा–कृष्ण की लीला केवल दृश्य नहीं, बल्कि अनुभव बन जाती है। इन पदों में प्रभात-विहार के बाद नव निकुंजों में भ्रमण, मधुर हास–परिहास, प्रेम-विह्वल आलिंगन, झूला-विहार और यमुना तट पर दिव्य रास का अत्यंत भावमय चित्रण है। यह लीला काम नहीं — यह ब्रह्मरस की अभिव्यक्ति है। जो भक्त इन पदों का श्रवण करता है, उसका हृदय श्रीराधा चरण-कमलों की प्रेम-रति से सिंचित हो जाता है। यह प्रस्तुति उसी रसिक परंपरा की एक विनम्र सेवा है, जिसका उद्देश्य है — श्रवण से हृदय में प्रेम जगाना। 🙏 जय श्री राधे कृष्ण 🙏 #️⃣ HASHTAGS #HitChaurasi #ShriHitHarivansh #RasikBhakti #RadhaKrishnaLeela #NavNikunj #JhoolaLeela #RasLeela #VrindavanDham #BrajBhakti #ShringarRas #RadhaRani #KrishnaPrem #Vaishnav #DivineLove #KrishnaBhajan #BhaktiShorts #BhaktiReels #YamunaTatt #RasMahotsav #RadheRadhe #Bhajanmarg #chaturasiji #chaurasi #hitchaturasiji #harivanshmahaprabhuji #shorts