У нас вы можете посмотреть бесплатно मुरली पर आधारित गीत | मिट्टी के इस लिबास में | 17-2-2026 | или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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गीत सुनते सुनते पूरी मुरली याद हो जिएगी। रोज़ की मुरली पर आधारित drawing गीत aur commentary का लिंक प्राप्त करने के लिए WhatsApp ग्रुप . https://chat.whatsapp.com/EgGY3hVItP5... इस ग्रुप में कुछ और पोस्ट नहीं किया जाता है। BELL NOTIFICATION ON KAR LEEJIYE. JAB BHI NAYA GEET UPLOAD HOGA TO AAPKE PAAS NOTIFICATION AAJAYA KAREGA. murli song 17-2-2026 #aajkamurligeet मिट्टी के इस लिबास में, ठहरी सी एक जान है ज़रा ग़ौर से देखो तो, ये रूह एक मेहमान है। ये रूह एक मेहमान है... मिट्टी के इस लिबास में, ठहरी सी एक जान है… सदियों की जो ये खाद थी, वो 'याद' से धुलने लगी, उस पार के मीठे वतन की, खिड़कियाँ खुलने लगीं। वो एक ही है रहनुमा... वालिद भी है, उस्ताद भी, उस नूर के साये में है, मेरी मुकम्मल याद भी। छूटेंगी अब फरियादें सब... छूटेंगी अब फरियादें सब, अब यादों का जहान है। ज़रा ग़ौर से देखो तो, ये रूह एक मेहमान है… मिट्टी के इस लिबास में, ठहरी सी एक जान है… कागज़ की ये पुरानी हवेली, अब ढहने को है तैयार, राखों से ही तो जन्म लेगा, एक स्वर्ग सा संसार। ये मौत की बस्ती है क्या... ये मौत की बस्ती है क्या, आगे अमर आसमान है। सुखधाम की दहलीज़ पर... सुखधाम की दहलीज़ पर, खड़ी अपनी उड़ान है। मिट्टी के इस लिबास में, ठहरी सी एक जान है… हम जा रहे हैं लौटकर... अपने उसी आकाश में, एक चमकता शालिग्राम... इस विनाशी लिबास में। मिट्टी के इस लिबास में, ठहरी सी एक जान है... ज़रा ग़ौर से देखो तो, ये रूह एक मेहमान है... ये रूह एक मेहमान है...