У нас вы можете посмотреть бесплатно India China 1962 War: उस समय भारत का साथ देने America ना आता तब क्या होता? (BBC Hindi) или скачать в максимальном доступном качестве, которое было загружено на ютуб. Для скачивания выберите вариант из формы ниже:
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ख़तरे के बीच 19 नवंबर को नेहरू ने अमरीका के राष्ट्रपति कैनेडी को दो पत्र लिखे. इन पत्रों को वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास से व्हाइट हाउस तक पहुंचाया गया. इन पत्रों को, ख़ास कर दूसरे पत्र को उस समय तक सार्वजनिक नहीं किया गया था. बाद में गालब्रेथ ने अपनी डायरी में लिखा, ''एक नहीं हमारे पास मदद के दो अनुरोध आए थे. दूसरे अनुरोध को बहुत गुप्त रखा गया था. ये पत्र सिर्फ़ राष्ट्रपति के पढ़ने के लिए था. ( फ़ॉर हिंज़ आईज़ ओनली) उसके बाद उसे नष्ट कर दिया जाना था.'' इसके बाद कई भारतीय सरकारों ने इस तरह के किसी भी पत्र के अस्तित्व से इनकार किया. लेकिन मशहूर पत्रकार इंदर मल्होत्रा ने इंडियन एक्सप्रेस के 15 नवंबर, 2010 में लिखे अपने लेख 'जेएन टू जेएफ़के, आइज़ ओनली' में लिखा, ''नेहरू के उत्तराधिकारी लाल बहादुर शास्त्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सचिवालय और विदेश मंत्रालय में मौजूद सारे रिकार्डों की जाँच करवाई है, लेकिन उन्हें इन पत्रों के अस्तित्व का कोई सबूत नहीं मिला.'' लेकिन अमरीकी विदेश मंत्रालय के अभिलेखागार ने इन पत्रों के अस्तित्व को तो स्वीकार किया लेकिन इनमें लिखा क्या था, इसको गुप्त रखा. लेकिन वर्ष 2010 में जॉन एफ़ केनेडी प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एंड म्यूज़ियम ने इन पत्रों को सार्वजनिक कर दिया. इस पत्र में नेहरू ने लिखा, ''चीनियों ने नेफ़ा के बहुत बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है और वो कश्मीर में लद्दाख़ में चुशाल पर भी कब्ज़ा करने वाले हैं.'' इसके बाद नेहरू ने लिखा, ''भारत को चीन के हमले से निपटने के लिए यातायात और युद्धक विमानों की ज़रूरत है.'' नेहरू ने इस पत्र का अंत ये कहते हुए किया कि ''वो इसी तरह का पत्र ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हारोल्ड मैकमिलन को भी भेज रहे हैं.'' अभी व्हाइट हाउस को ये पत्र मिला ही था कि गालब्रेथ ने एक टॉप सीक्रेट टेलिग्राम अमरीकी राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री को भेजा. इसमें लिखा था, ''मुझे गुप्त रूप से पता चला है कि नेहरू आपको एक और पत्र भेजने वाले हैं. इसके बारे में उनके मंत्रियों तक को नहीं बताया गया है.'' अमरीका में भारत के राजदूत बी के नेहरू ने 19 नवंबर को ख़ुद अपने हाथों से वो पत्र राष्ट्रपति कैनेडी तक पहुंचाया. पूरी कहानी देखिए-सुनिए इस वीडियो में... स्टोरी और आवाज़: रेहान फ़ज़ल वीडियो एडिटिंग: देबलिन रॉय #IndiaChina #IndiaChinaLAC #Ladakh #GalwanValley #IndiaChinaTension Corona Virus से जुड़े और दिलचस्प वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें : • Corona Virus ने दुनिया की सबसे बड़ी त... कोरोना वायरस से जुड़ी सारी प्रामाणिक ख़बरें पढ़ने के लिए क्लिक करें : https://www.bbc.com/hindi/internation... ऐसे ही और दिलचस्प वीडियो देखने के लिए चैनल सब्सक्राइब ज़रूर करें- / @bbchindi बीबीसी हिंदी से आप इन सोशल मीडिया चैनल्स पर भी जुड़ सकते हैं- फ़ेसबुक- / bbcnewshindi ट्विटर- / bbchindi इंस्टाग्राम- / bbchindi बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें- https://play.google.com/store/apps/de...