У нас вы можете посмотреть бесплатно रुद्रा अस्त्र और माहेश्वरास्त्र /भगवन शिव के अन्य महा प्रलयकारी अस्त्र / Rahasyamay Planet или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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#RahasyamayPlanet #IndianMythology #Destructive_war_between_Mahadev_and_Narayan :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Note - This video is imaginary and does not have any connection with any caste or religion. :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: Video Information - भगवन शिव के दैवीय एस्ट्रो का जब भी जिक्र होता है सबसे पहले पाशुपतास्त्र का नाम आता है । लेकिन बहुत सारे लोगो को भगवन महादेव के बाकि एस्ट्रो के बारे में सायद पता नहीं है। रुद्रा अस्त्र और माहेश्वरास्त्र ।।।।।।। भगवन शिव के अन्य महा प्रलयकारी अस्त्र है। नमस्कार मित्रो स्वागत है आपका एक और नए एपिसोड मैं आज हम बात करेंगे महादेव के रूद्र अस्त्र और महेश्वरास्त्र के बारे मे। उससे पहले अगर आप हमारे चैनल में नए है तो चैनल को सब्सक्राइब करना न भुलै। हम ऐसे ही रोचक वीडियो आपके लिए लाते रहते है। रुद्रा अस्त्र वो अस्त्र है जिसमे महादेव के ११ बे रूद्र अवतार की शक्ति होती है। पुराणो के अनुशार रूद्र अस्त्र अपने आप में पुरे १ रूद्र को समाये रखते है। रुद्रा शब्द का अर्थ होता है महा भयंकर और इसे भगवन शिव के संगरक के रूप में उपयोग किया जाता है। जब कभी रूद्र अस्त्र को आवाहित किया जाता है तो ११ रूद्र की ताकत उसमें समां जाती है। ओर फिर एक पचंद अग्नि बेग के साथ रूद्र अस्त्र अपने लक्स्य का बिनाश कर देता है। रुद्रा अस्त्र एक साथ लखो दुश्मनो का विनाश करने की शक्ति रखते है । रुद्रा अस्त्र का समना करना स्वयम रूद्र का समना करना मन जाता ठ। माना जाता है महाभारत युद्ध के समय कारण ने इस अस्त्र का प्रयोग करके अर्जुने को महादेव से प्राप्त शिव कवज को नस्ट कर अर्जुन को गायाल कर दिया ठ। शीवाय रूद्र अस्त्र के भगवन महादेव के शिव कवज को अन्य कोई ास्त्र तोड़ नहीं सकता त। भागवान कृष्ण और शिशुपाल के मद्य हुए युद्ध में भी इस अस्त्र का उल्लेख मिलता है। माहेश्वरास्त्र।।।।। माहेश्वरास्त्र वो अस्त्र है जिसमे भगवन महादेव की तीसरी आँख की शक्ति समाहित है । माहेश्वर शब्द का अर्थ है वो जिसके इच्छा के अनुशार पूरा ब्रम्हांड चलता है। जब भी महेश्वरास्त्र को आवाहित किया जाता है तो भगवन शिव की तीसरी आँख से निकलने वाली अग्नि की तरह एक प्रचंड अग्नि की लहर लक्ष्य का महाविनाश कर देता है। ये लहर इतनी ताकतवर होती है की श्रुस्ती की सबसे महानतम शक्ति को भी नश्ट कर सकती है। जीस तरह क्रोधित भगवन महादेव को सिर्फ भगवन विष्णु ही संत कर सकते है या किसी और सब्दो में कहे की भगवन शिव और भगवन विष्णु एक दूसरे को सन्तुलित करते है। उसी तरह महेश्वरास्त्र को संत करने का सिर्फ एक ही उपाय है की इसके सम्मुख भगवन विष्णु का नारायण अस्त्र चलाया जाए। माहेश्वरास्त्र को अगर सम्पूर्ण ताकत से चलाया जाये तो ये शिव जी के तीसरी आँख की तरह सम्पूर्ण लोको का विनाश कर सकता है। रुद्रा अस्त्र और महेश्वरास्त्र भगवन शिव के दो भिन्न प्रकर्ति को दर्शते है । रुद्रा ास्त्र एक तूफां की तरह काम करता है तो महेश्वरा अस्त्र एक प्रचंड अग्नि की तरह । हलकी त्रिशूल के पश्चात् पाशुपतास्त्र को महादेव का सबसे शक्ति शैली अस्त्र मन जाता है जो की रूद्र अस्त्र और महेश्वरास्त्र से भी अधिक शक्ति शैली अस्त्र मन जाता है । :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: ...Om hrim krim shrim aadyakalika parmeshwari swaha... ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::