У нас вы можете посмотреть бесплатно Hojagiri dance... होजागिरी लोकनृत्य .. वर्ग 6 वा आणि 7 वा . जि. प . उच्च प्राथमिक शाळा चेक बेरडी или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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#hojagiri #dance #newsong #bottlebalance ##school hojagiri लोकनृत्य Tripura's culture seen in Hojagiri dance होजागिरी त्रिपुरा राज्य का एक प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनृत्य है, जिसे मुख्य रूप से रियांग (ब्रू) समुदाय की युवा महिलाओं द्वारा फसल कटाई (लक्ष्मी पूजा) के अवसर पर किया जाता है। इस नृत्य में नर्तकियां सिर पर बोतल, मिट्टी के घड़े, या दीये रखकर, केवल शरीर के निचले हिस्से का उपयोग करते हुए अद्भुत संतुलन और कलाबाज़ी दिखाती हैं। होजागिरी नृत्य की मुख्य विशेषताएं: मूल स्थान: भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा में। कलाकार: रियांग समुदाय की महिलाएं/युवतियां (आमतौर पर 4-6 का समूह)। प्रदर्शन का तरीका: नर्तकियां अपने सिर पर बोतल या घड़ा और हाथों में दीये लेकर शरीर को थिरकाती हैं। इस दौरान वे शरीर के केवल निचले आधे हिस्से (कमर से नीचे) का उपयोग करती हैं। अवसर: यह होजागिरी उत्सव, दुर्गा पूजा के बाद लक्ष्मी पूजा (कोजागरी पूर्णिमा) के दौरान किया जाता है। सांस्कृतिक महत्व: यह नृत्य झूम (खेती) की गतिविधियों और प्रकृति के साथ जुड़ाव को दर्शाता है। संगीत: इस नृत्य के साथ बांस की बांसुरी, झांझ (Cymbals) और खंब (Khamb) जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाता है। यह नृत्य न केवल त्रिपुरा में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी संतुलन कला के लिए विख्यात है।