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आल्हा कपुर्दा वाली का - Aalha Kapurda Wali Ka || Mamta Satyarthi || Navratri Special Bhajan 2022 - Lord Durga - Helpline no. 9893153872 Song : आल्हा कपुर्दा वाली का - Aalha Kapurda Wali Singer : Mamta Satyarthi Lyrics : Nandu Tamrkar Music : Sundrani Video World Raipur Recoding : NTR Seoni MP 9340275934 Recordist : Hariom Sanodiya Director - Nandu Tamrkar 9893153872 षष्ठी माता का स्वयं प्रकट धाम है कपुर्दा.. 80 साल पहले कुँए से निकाली गई थी माता की प्रतिमा.. दैवीय स्थल कोई बनाता नही है बल्कि ये स्थल अपना सबूत स्वयं देते हैं , छिंदवाड़ा जिले की चौरई तहसील के एक छोटे से गांव कपुर्दा में माता षष्ठी का धाम भी वह स्थल है जहां माता ने स्वयं अपनी उपस्थिति का प्रमाण दिया और भक्तों के कल्याण के लिए वे यहां स्थापित हुई है करीब 80 साल से माता यहां अपने दरबार मे आने वाले भक्तों की मनोकामना सिद्ध कर रही है कपुर्दा धाम की ख्याति ना केवल छिंदवाडा बल्कि पूरे देश मे है इस धाम में माता के दर्शन के लिए किसी विशेष दिन का भक्त इंतजार नहीं करते बल्कि यहाँ रोज ही भक्तों का तांता लगा रहता है यह धाम यहां आने वाले भक्तों की मान्यता और मनोती का साक्षात प्रमाण देता है भक्त यहां अकेले नही बल्कि पूरे परिवार सहित आते हैं पूरे परिवार सहित माता के दरबार मे उपस्थिति इस धाम में माता की महिमा के बखान के लिए काफी है कुँए से निकाली गई थी प्रतिमा.. षष्ठी माता का यह धाम माता के आदेश से ही बना है गांव में रहने वाले श्रीवास्तव परिवार की कपुर्दा में लंबी-चौड़ी खेती है खेत मे कुआं है इस कुँए में ही प्रतिमा रूप में होने का दाखिला माता ने श्रीवास्तव परिवार को 80 साल पहले दिया था। श्रीवास्तव परिवार ने जब कुँए को खाली कराया तब माता की प्रतिमा मिली जिसे पहले मड़िया में स्थापित किया गया और आज इस स्थल में माता का विशाल मंदिर है वर्ष 1940 में छिन्दवाड़ा की धरती पर माता षष्ठी का यह धाम माता के आदेश से ही अस्तित्व में आया और अब छिन्दवाड़ा ही नही माता षष्ठी के हर भक्त की आस्था का केंद है । माता के धाम के लिए श्रीवास्तव परिवार ने कुआ सहित खेत की जमीन माता के धाम के नाम कर धाम को विस्तार दिया है माता ने सबसे पहले इस परिवार की ही मनोती पूरी की थी और फिर उसके बाद जब कपुर्दा मन्दिर की ख्याति दूर-दूर तक पहुंची और यहां रोज ही भक्तों का तांता लगता है षष्ठी माता के इस दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नही गया है यहां आकर हर भक्त की ना केवल मनोकामना पूरी होती है बल्कि दैवीय शक्ति का अहसास भक्तों को उस चेतना से भर देता है जो सर्वमान्य है और इस सृष्टि की सावभोमिक सत्ता है जो दिखाई तो नही देती लेकिन जीवन के सारे संकट हर सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है संतान सुख मांगने आते हैं श्रद्धालु.. माता के धाम में अधिकतर श्रद्धालु संतान सुख और संतान सुरक्षा की मनोती लेकर आते हैं और पूर्ति होने पर परिवार सहित आकर माता के दरबार मे शीश नवाते है इतना ही नही मन्दिर में बच्चों के वजन बराबर गुड़ सहित अन्य ,प्रसाद चढ़ाया जाता है शादी के लिए भी यहां अर्जी श्रद्धालु लगाते हैं और फिर जोड़े सहित आते हैं बच्चो की बधाइयां,शादी की बधाइयां के साथ ही कुटुम्बिक पूजा अर्चना का दौर माता के दरबार मे रोज होता है मैली माता का भी है चमत्कार .. कपुर्दा मन्दिर मे माता षष्ठी मन्दिर के ठीक पीछे मैली माता का भी चमत्कारिक स्थल है यहां बच्चो की बुरी नजर के अलावा अला-बला सब उतर जाती है पंडित यहां माता के सामने खड़े होकर मैली उतारते हैं इसके बाद श्रद्धालु मन्दिर परिसर के उस कुँए के पानी से स्नान कर अपने आपको अला-बला ,बुरी नजर, रोग बीमारियों मानसिक बाधा सहित अनेक परेशानियों से मुक्त महसूस करते हैं यह माता के इस धाम का विशेष प्रताप है यहां माता की कुलदेवी के रूप में भी पूजा होती है .. श्री षष्ठी माता के चरणों मे शत-शत नमन... 🚩🌹🌹🌹🚩 साभार #hellochhindwara