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क्या आप भी जीवन की भागदौड़ और तनाव से थक चुके हैं? Sometimes, all we need is a moment of pure peace and a sense of being protected. This soulful rendition of Sankat Mochan Hanuman Ashtak is specially created for those seeking emotional healing and mental sukoon. जब मन भारी हो और कोई रास्ता न दिखे, तो बस अपनी आँखें बंद करें और इस अष्टक को सुनें। It’s not just a prayer; it’s an experience that makes your pain flow out and fills your heart with warmth. Lyrics: संकटमोचन हनुमानाष्टक (Sankat Mochan Hanuman Ashtak) Verse 1 बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो ॥ देवन आनि करी विनती तब, छांड़ि दियो रवि कष्ट निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Bal Samay Ravi Bhaksh Liyo Tab, Teenhu Lok Bhayo Andhiyaro |) Verse 2 बालि की त्रास कपीस बसै गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो । चौंकि महामुनि शाप दियो तब, चाहिय कौन विचार विचारो ॥ कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के शोक निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Bali Ki Tras Kapis Basai Giri, Jaat Mahaprabhu Panth Niharo |) Verse 3 अंगद के संग लेन गये सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो । जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहां पगु धारो ॥ हेरि थके तट सिंधु सबै तब, लाय सिया सुधि प्राण उबारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Angad Ke Sang Lane Gaye Siya, Khoj Kapis Yeh Bain Ucharo |) Verse 4 रावन त्रास दई सिय को तब, राक्षसि सो कहि शोक निवारो । ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाय महा रजनीचर मारो ॥ चाहत सीय अशोक सों आगि सु, दै प्रभु मुद्रिका शोक निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Ravan Tras Dai Siya Ko Tab, Rakshasi So Kahi Shok Nivaro |) Verse 5 बान लग्यो लछिमन के तब, प्राण तजे सुत रावन मारो । लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ॥ आनि संजीवन हाथ दई तब, लछिमन के तुम प्राण उबारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Baan Lagyo Laximan Ke Tab, Pran Taje Sut Ravan Maro |) Verse 6 रावन जुद्ध अजान कियो तब, नाग कि फांस सबै सिर डारो । श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो ॥ आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Ravan Yuddh Ajan Kiyo Tab, Naag Ki Faans Sabai Sir Daro |) Verse 7 बंधु समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो । देविहि पूजि भली विधि सो बलि, देउ सबै मिलि मंत्र विचारो ॥ जाय सहाय भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Bandhu Samet Jabai Ahiravan, Lai Raghunath Patal Sidharo |) Verse 8 काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि विचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारो ॥ बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ (Kaaj Kiye Bade Devan Ke Tum, Bir Mahaprabhu Dekhi Vicharo |) Release your pain and let the healing begin. 🙏🧡 🎵 Song Credits Song: Sankat Mochan Hanuman Ashtak (Peaceful Version) Lyrics: Traditional (Goswami Tulsidas) Vocals & Music: Sukoon Bhakti Produced By: Sukoon Bhakti Label: Sukoon Bhakti #HanumanAshtak #SankatMochan #SpiritualHealing #Bajrangbali #WarmHug #PeacefulPrayer #Meditation Music