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🌄 कल्पा की गोद में A soulful Himalayan vibe inspired by the peaceful valleys of Kalpa in District Kinnaur, Himachal Pradesh. This song reflects the desire to escape the chaos of city life and return to the peace, spirituality, and simplicity of the mountains. 🎶 Song: कल्पा की गोद में (Chal Chalen Pahadon Mein) 🎤 Artist: VijayNegiMusic 🎼 Genre: Ethno Pop / Lo-fi / Himalayan Folk 🏔 Inspired by the beautiful valley of Kalpa, Kinnaur, Himachal Pradesh. ✨ If you love mountains, peace, and Mahadev vibes — this song is for you. 🔔 Subscribe to VijayNegiMusic for more original music & mountain vibes. 📱 Follow VijayNegiMusic Instagram: / vijaynegimusic Facebook: / vijaynegimusic 🎵 Lyrics – “पहाड़ों की गोद में / कल्पा की गोद में (Zila Kinnaur Edition)” चल घर चलें वापस इस दुनियादारी से, इस भीड़ से, इस शोर से, दुनिया-जहान की इस अंधी दौड़ से। आ चलें वापस उन सुनहरी धूप वाली वादियों में, अपनों के उस आँगन और ‘कल्पा’ की वादियों में। भोलेनाथ की शरण में, इस सुकून में थम जाने का मन करता है, लकड़ी का एक अपना घर बनाने का मन करता है। चल चलें इन पहाड़ों में अब, भोलेनाथ के चरणों में अब। स्वर्ग के रास्ते के राही हैं हम, आ चलें इन पहाड़ों में हम। मीठी सी बोली है यहाँ, आदर से पूरा मान है, टोपी पे लगी वो बुरुंश, पहाड़ों की ही शान है। संस्कृति का याद दिलाए, कल्पा है सबसे प्यारा, देवों की इस भूमि ने ही तो, हमको है सवारा। जब अकेला इन रास्तों पे चलता हूँ, तो अपनी हस्ती का पता चलता है, शहर में तो सिर्फ जिस्म, यहाँ मेरा रूह पलता है। जटिल हैं कैलाश के रास्ते, पर मन में कोई डर नहीं, जहाँ शिव का वास हो, उससे प्यारा कोई घर नहीं। पहेली सा ये जीवन, कल्पा में आके सुलझता है, जब कोई शिवभक्त भाई गले लगकर “जुले-जुले” कहता है। प्राकृतिक चमत्कार यहाँ, साक्षात महादेव का रूप है, कहीं बर्फ की चादर है, तो कहीं मखमली धूप है। शहर की उन इमारतों से ऊँचे यहाँ के चीड़ हैं, हम अपनी मौज के राजा, यहाँ ना कोई भीड़ है। नेगी के गीतों में खोकर, सुध-बुध अपनी भुला दी है, इन वादियों ने मेरे जीने की प्यास ही जगा दी है। चल चलें इन पहाड़ों में अब, भोलेनाथ के चरणों में अब। स्वर्ग के रास्ते के राही हैं हम, आ चलें इन पहाड़ों में हम… हिमाचल… मेरा कल्पा… हर हर महादेव 🔱