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बिहार सरकार ने व्यापार और परिवहन को गति देने के लिए रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना शुरू की है। यह छह लेन का अत्याधुनिक मार्ग नेपाल सीमा के पास रक्सौल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से यात्रा के समय में लगभग 9 घंटे की बड़ी बचत होने की उम्मीद है, जिससे माल ढुलाई और यात्रियों का आवागमन सुगम होगा। यह एक्सप्रेसवे बिहार के 12 विभिन्न जिलों से गुजरेगा और केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बुनियादी ढांचे के विकास से न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों में भी मजबूती आएगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो राज्य के आर्थिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे बिहार की अर्थव्यवस्था को कैसे बदलेगा? यह एक्सप्रेसवे किन मुख्य जिलों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को जोड़ेगा? इस नई सड़क परियोजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ क्या हैं? रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे (Raxaul-Haldia Expressway) बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी परियोजना साबित हो सकती है। यह 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से सीधे जोड़ेगा, जिससे व्यापार और कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा। दिए गए स्रोतों के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे बिहार की अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित तरीकों से बदल सकता है: 1. परिवहन समय में भारी कमी और व्यापार में तेजी वर्तमान में बिहार से पश्चिम बंगाल (हल्दिया) तक जाने में 19 से 20 घंटे लगते हैं। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह समय घटकर मात्र 10 से 11 घंटे रह जाएगा। समय की यह बचत माल ढुलाई (freight) को तेज करेगी, जिससे व्यवसायों के लिए लागत कम होगी और दक्षता बढ़ेगी। 2. अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा यह एक्सप्रेसवे नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल को हल्दिया बंदरगाह से जोड़ता है। यह नेपाल और पूर्वोत्तर भारत के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा देगा। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया है कि यह एक्सप्रेसवे भारत और नेपाल के बीच सीमा पार व्यापार (cross-border trade) को मजबूत करेगा। 3. 12 जिलों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार यह एक्सप्रेसवे बिहार के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। ये जिले हैं: पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका। इन जिलों का हल्दिया बंदरगाह और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधा जुड़ाव होने से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुँचाना आसान हो जाएगा। 4. औद्योगिक विकास और रोजगार इसे एक प्रमुख "परिवहन और आर्थिक गलियारे" (transport and economic corridor) के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इसके माध्यम से औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। बिहार के दूरदराज के जिलों को बंदरगाहों से जोड़ने से वहां नए उद्योगों के लिए रास्ते खुलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। 5. बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण यह परियोजना भारत सरकार की 'भारतमाला परियोजना' (Bharatmala project) के तहत बनाई जा रही है, जो एक विश्व स्तरीय (world-class) 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा। यह बिहार के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाएगा और राज्य में निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगा। संक्षेप में, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि बिहार को एक व्यापारिक केंद्र (trade hub) के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा, क्योंकि यह नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन जाएगा। #indiainfrastructure #infrastructureindia #delhimumbaiexpressway #abcd2day #expressway #abcdtoday #expertrp #rpkumawaterolav #greenfieldexpressway #rajasthannews #रक्सौलहल्दियाएक्सप्रेसवे #RaxaulHaldiaExpressway #बिहारएक्सप्रेसवे #BiharExpressway #ग्रीनफील्डएक्सप्रेसवे #GreenfieldExpressway #भारतमालापरियोजना #BharatmalaPariyojana #बिहारसमाचार #BiharNews #हल्दियाबंदरगाह #HaldiaPort #बिहारइंफ्रास्ट्रक्चर #BiharInfrastructure #नेपालसीमाकनेक्टिविटी #NepalBorderConnectivity #मालढुलाईक्रांति #FreightRevolution #बिहारविकास #BiharDevelopment #एक्सप्रेसवेन्यूज #ExpresswayNews