У нас вы можете посмотреть бесплатно वो छोड़ गई, पर गलती मेरी नहीं थी! || आचार्य प्रशांत (2024) или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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🧔🏻♂️ आचार्य प्रशांत से मिलना चाहते हैं? लाइव सत्रों का हिस्सा बनें: https://acharyaprashant.org/hi/enquir... 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?... ➖➖➖➖➖➖ वीडियो जानकारी: 13.10.24, बोध प्रत्यूषा, ग्रेटर नोएडा Title : Woh chhod gayi, par galti meri nahi thi! || Acharya Prashant (2024) 📋 Video Chapters: 0:00 - Intro 0:45 - प्रेम और जाति का टकराव 2:02 - प्रेम में गरिमा और साहस 9:03 - समझदारी केअभाव में जीवन में व्यर्थ की उलझनें 16:45 - जाति वालों के कुतर्क 21:14 - ऋषि अष्टावक्र के जीवन से सीख 30:56 - समापन विवरण: इस वीडियो में आचार्य जी ने एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर के सवाल का जवाब दिया, जिसमें उसने अपनी प्रेमिका के परिवार द्वारा जाति के आधार पर शादी से इनकार करने की बात की। आचार्य जी ने जाति प्रथा और सामाजिक भेदभाव पर गहरी चर्चा की, यह बताते हुए कि समाज में भले ही शिक्षा और प्रगति हो रही हो, लेकिन जाति के आधार पर भेदभाव अभी भी मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेम और विवाह के निर्णय व्यक्तिगत होते हैं और इन्हें परिवार के दबाव से मुक्त होकर लेना चाहिए। आचार्य जी ने यह भी बताया कि प्रेम में मजबूती होनी चाहिए और किसी भी रिश्ते को सामाजिक मानदंडों के आधार पर नहीं तोड़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों को समझदारी से लें और पहले अपने अनुभवों को समृद्ध करें। अंत में, उन्होंने यह कहा कि जीवन में प्रेम और रिश्ते केवल शारीरिक आकर्षण नहीं होते, बल्कि यह एक गहरी समझ और सम्मान पर आधारित होने चाहिए। प्रसंग: ~ रिश्तें कैसे बनाएँ? ~ संबंध माने क्या? ~ प्रेम संबंध और सुसंगति का पता कैसे करें? ~ सच्चे रिश्ते की पहचान कैसे करें? ~ असली रिश्ता कैसा होता है? ~ क्यों शादी के लिए घरवालों की, समाज की स्वीकृति चाहिए? ~ रिश्तों की अहमियत एक बिन्दु के बाद कितनी हो सकती है? ~ आशिकी करो तो इश्क में थोड़ी मजबूती रखो। संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~ #acharyaprashant