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नेताजी का चश्मा | स्वयं प्रकाश की मार्मिक कहानी एक छोटे से क़स्बे के चौराहे पर लगी थी Subhas Chandra Bose की संगमरमर की प्रतिमा… लेकिन उस प्रतिमा में एक कमी थी — नेताजी की आँखों पर चश्मा नहीं था। और फिर… एक बूढ़ा, लँगड़ा चश्मेवाला हर बार नेताजी की आँखों पर नया चश्मा लगा जाता था। लोग उसे पागल समझते थे… पर क्या वह सच में पागल था? या वह सच्ची देशभक्ति का प्रतीक था? प्रख्यात लेखक Swayam Prakash की यह मार्मिक कहानी हमें सोचने पर मजबूर करती है — क्या हम अपने नायकों का सच में सम्मान करते हैं? या केवल नाम लेते हैं? यह कहानी भावनाओं, व्यंग्य और देशभक्ति की एक गहरी झलक है। अंत तक ज़रूर देखें… शायद आपकी आँखें भी नम हो जाएँ। 🎬 अगर आपको ऐसी साहित्यिक कहानियाँ पसंद हैं तो वीडियो को Like 👍, Share 🔁 और Subscribe 🔔 ज़रूर करें। 🔖 Hashtags #नेताजी_का_चश्मा #स्वयं_प्रकाश #SubhasChandraBose #HindiStory #HindiKahani #Deshbhakti #IndianLiterature #EmotionalStory #Storytelling #HindiAudiobook #ClassicHindi #MotivationalStory #Bharat #YouTubeHindi