• ClipSaver
  • dtub.ru
ClipSaver
Русские видео
  • Смешные видео
  • Приколы
  • Обзоры
  • Новости
  • Тесты
  • Спорт
  • Любовь
  • Музыка
  • Разное
Сейчас в тренде
  • Фейгин лайф
  • Три кота
  • Самвел адамян
  • А4 ютуб
  • скачать бит
  • гитара с нуля
Иностранные видео
  • Funny Babies
  • Funny Sports
  • Funny Animals
  • Funny Pranks
  • Funny Magic
  • Funny Vines
  • Funny Virals
  • Funny K-Pop

Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram скачать в хорошем качестве

Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram 2 недели назад

скачать видео

скачать mp3

скачать mp4

поделиться

телефон с камерой

телефон с видео

бесплатно

загрузить,

Не удается загрузить Youtube-плеер. Проверьте блокировку Youtube в вашей сети.
Повторяем попытку...
Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram
  • Поделиться ВК
  • Поделиться в ОК
  •  
  •  


Скачать видео с ютуб по ссылке или смотреть без блокировок на сайте: Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram в качестве 4k

У нас вы можете посмотреть бесплатно Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:

  • Информация по загрузке:

Скачать mp3 с ютуба отдельным файлом. Бесплатный рингтон Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram в формате MP3:


Если кнопки скачивания не загрузились НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru



Shree Ram Raksha Stotram | Full Audio with Accurate Lyrics | Daily Ram Mantra | Jai Shree Ram

॥ श्री रामरक्षा स्तोत्रम् ॥ Experience the divine protection of Lord Rama through the powerful chanting of the Shree Ram Raksha Stotram. This sacred stotra, composed by Sage Budha Kaushika, is believed to invoke Lord Rama’s blessings and protection from all difficulties, negativity, and fear. ✨ This video includes: • Full Ram Raksha Stotram chant • Accurate Sanskrit lyrics on screen • Clear pronunciation • Peaceful devotional background Regular recitation of Ram Raksha Stotram is said to: • Remove obstacles • Bring mental peace • Protect from negative energies • Strengthen devotion and courage 🙏 Jai Shri Ram 🙏 🔔 Subscribe to Stotra Ratnakar for more sacred stotras and devotional chants. रामरक्षास्तोत्रम् । श्रीगणेशाय नमः ।। अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमंत्रस्य बुधकौशिक ऋषिः । श्रीसीतारामचंद्रो देवता। अनुष्टुप् छंदः । सीता शक्तिः । श्रीमद्धनुमान्कीलकम् । श्रीरामचंद्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ॥ अथ ध्यानम् । ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम् । वामांकारूढसीतामुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालंकारदीप्तं दधतमुरुजटामंडलं रामचंद्रम् ॥ इति ध्यानम् ।। चरितंरघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम् । एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम् ॥१॥ ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्। जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमंडितम् ।। २॥ सासितूणधनुर्बाणपाणिं नक्तंचरांतकम् । स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम् ॥ ३ ॥ रामरक्षां पठेत्प्राज्ञः पापघ्नींसर्वकामदाम्। शिरो मे राघवः पातु भालं दशरथात्मजः ।। ४ ।। कौसल्येयो दृशौ पातु विश्वामित्रप्रियः श्रुती। प्राणं पातु मखत्राता मुखंसौमित्रिवत्सलः ।। ५ ।। जिह्वां विद्यानिधिः पातु कंठं भरतवंदितः । स्कंधौदिव्यायुधः पातु भुजौ भग्नेशकार्मुकः ॥ ६ ॥ करौ सीतापतिः पातु हृदयंजामदग्न्यजित्। मध्यं पातु खरध्वंसी नाभिं जांबवदाश्रयः ।। ७ ।। सुग्री-वेशः कटी पातु सक्थिनी हनुमत्प्रभुः । ऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। ॥८॥ जानुनी सेतुकृत्पातु जंघे दशमुखांतकः । पादौ विभीषपणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः ॥ ९ ॥ एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृतीपठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत् ॥ १० ॥ पाताभूलतलव्योमचारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्नुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः॥ ११ ॥ रामेति रामभद्रेति रामचंद्रेति वा स्मरन् । नरो न लिप्यते पापैर्मुक्तिं मुक्तिं च विंदति ॥ १२॥ जगज्जेत्रैकमंत्रेण रामनाम्नाऽभिरक्षितम् । यः कंठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः ॥ १३॥ वज्रपंजरनामेदं योरामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमंगलम् ॥ १४॥ आदिष्टवान्यथा स्वप्ने रामरक्षामिमां हरः । तथा लिखितवान्प्रातः प्रबुद्धो बुधकौशिकः ।। १५ ।। आरामः कल्पवृक्षाणां विरामः सकलापदाम्। अभिरामखिलोकानां रामः श्रीमान्स नः प्रभुः ॥ १६ ॥ तरुणौ रूपसंपन्नौ सुकुमारौ महाबलौ। पुंडरीकविशालाक्षौ चीरकृष्णाजिनांबरौ ॥ १७ ॥ फलमूलाशिनौ दांतौ तापसौ ब्रह्मचारिणौ। पुत्रौ दशरथस्यैतौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ ।। १८ ।। शरण्यौ सर्वसत्त्वानां श्रेष्ठौ सर्वधनुष्मताम् । रक्षःकुलनिहंतारौ त्रायेतां नो रघूत्तमौ ॥ १९ ॥ आत्तसज्जधनुषाविषुस्पृशावक्षयाशुगनियंगसंगिनौ। रक्षणाय मम रामलक्षणावग्रतः पथि सदैव गच्छताम्॥२०॥ सनद्धः कवची खट्टी चापबाणधरो युवा। गच्छन्मनोऽरथोऽस्माकं रामः पातु सलक्षणः ।॥ २१ ॥ रामो दाशरथिः शूरो लक्ष्मणानुचरोबली। काकुत्स्थः पुरुषः पूर्णः कौसल्येयो रघूत्तमः ॥ २२॥ वेदांतवेयोयक्षेत्रः पुराणपुरुषोत्तमः । जानकीवल्लभः श्रीमानप्रमेयपराक्रमः ।॥ २३ ॥ इत्येतानि जपेन्नित्यं मद्भक्तः श्रद्धयान्वितः। अश्वमेधाधिकं पुण्यं संप्राप्नोति न संशयः ॥ २४ ॥ रामं दूर्वादलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम् ।स्तुवंति नामभिर्दिव्यैर्न ते संसारिणो नरः ।। २५ ।। रामं लक्ष्मणपूर्वजं रघुवरं सीतापतिं सुंदरं काकुत्स्थं करुणार्णवं गुणनिधिं विप्रप्रियं धार्मिकम् । राजेंद्रं सत्यसंधं दशरथतनयं श्यामलं शांतमूर्ति बंदे लोकाभिरामं रघुकुलतिकं राघवं रावणारिम् ।। २६ ॥ रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे। रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः ॥ २७ ॥ श्रीराम राम रघुनंदन राम राम श्रीराम राम भरताग्रज राम राम। श्रीराम राम रणकर्कश राम राम श्रीराम राम शरणं भव राम राम ।। २८ ।। श्रीरामचंद्रचरणौ मनसास्मरामि श्रीरामचंद्रचरणौ वचसा गृणामि। श्रीरामचंद्रचरणौ शिरसानमामि श्रीरामचंद्रचरणी शरणं प्रपये ॥ २९ ॥ माता रामो मत्पिता रामचंद्रः स्वामी रामो मत्सखा रामचंद्रः । सर्वस्वं मे रामचंद्रो दयालुर्नान्यं जाने नैव जाने न जाने ।॥ ३० ॥ दक्षिणे लक्ष्मणो यस्य वामे च जनकात्मजा। पुरतो मारुतिर्यस्य तं बंदे रघुनंदनम् ।। ३१ ।। लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचंद्र शरणं प्रपद्ये ।। ३२ ।। मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेंद्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम् । वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये ।। ३३ ।। कूजंतं रामरामेति मधुरं मधुराक्षरम्। आरुह्य कविताशाखां वंदे वाल्मीकिकोकिलम्।। ३४ ।। आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसंपदाम् । लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम् ।। ३५ ।। भर्जनं भवबीजानामर्जनं सुखसंपदाम्। तर्जनंयमदूतानां रामरामेति गर्जनम् ॥ ३६ ॥ रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामेणाभिहता निशाचरचमू रामाय तस्मै नमः। रामानास्ति परायणं परतरं रामस्य दासोऽस्म्यहं रामे चित्तलयः सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ ३७॥ राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम ततुल्यं रामनाम वरानने ॥ ३८ ॥ इति श्रीबुधकौशिकविरचितं रामरक्षास्तोत्रं संपूर्णम् ।।

Comments

Контактный email для правообладателей: u2beadvert@gmail.com © 2017 - 2026

Отказ от ответственности - Disclaimer Правообладателям - DMCA Условия использования сайта - TOS



Карта сайта 1 Карта сайта 2 Карта сайта 3 Карта сайта 4 Карта сайта 5