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मृत्यु के बाद आत्मा की सबसे बड़ी इच्छा क्या होती है? आत्मा का रहस्य | Garud Puran #omveda गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु अंत नहीं, बल्कि एक यात्रा की शुरुआत है। यह शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा अजर, अमर और अविनाशी है। जब शरीर समाप्त होता है, तब आत्मा अपने कर्मों के अनुसार आगे की यात्रा पर निकलती है। इसी यात्रा के दौरान आत्मा की कई अवस्थाएँ और भावनाएँ सामने आती हैं। आत्मा क्या है? हिंदू दर्शन के अनुसार आत्मा परमात्मा का अंश है। वह न जन्म लेती है, न मरती है। *भगवद गीता* में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है: "नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः" अर्थात आत्मा को न कोई शस्त्र काट सकता है, न अग्नि जला सकती है। आत्मा केवल शरीर बदलती है, जैसे मनुष्य पुराने वस्त्र त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है। मृत्यु के तुरंत बाद क्या होता है? गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा कुछ समय तक अपने ही घर और परिजनों के आसपास रहती है। उसे यह समझ नहीं आता कि वह अब शरीर में नहीं है। वह अपने परिवार को रोते-बिलखते देखती है और उनसे जुड़ाव महसूस करती है। इस अवस्था में आत्मा की सबसे बड़ी इच्छा होती है — **अपने प्रियजनों से संवाद करने की**। वह चाहती है कि परिवार उसे याद रखे, उसके लिए प्रार्थना करे, और उसके अधूरे कार्य पूरे करे। आत्मा की सबसे बड़ी इच्छा क्या होती है? गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा की सबसे बड़ी इच्छा होती है: 1. मोक्ष प्राप्त करना आत्मा जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होना चाहती है। यह संसार दुखों से भरा है। कर्मों के कारण आत्मा बार-बार जन्म लेती है। इसलिए उसकी सर्वोच्च इच्छा होती है — **मोक्ष**, अर्थात परमात्मा में विलीन होना। 2. अपने कर्मों का संतुलन यदि जीवन में पाप अधिक किए हों, तो आत्मा को यमलोक की यात्रा करनी पड़ती है। इस यात्रा में उसे अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है। इसलिए आत्मा चाहती है कि उसके परिजन उसके लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करें ताकि उसकी पीड़ा कम हो। 3. अधूरे कार्य पूरे होना कई बार व्यक्ति अचानक मृत्यु को प्राप्त होता है और उसके कई कार्य अधूरे रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में आत्मा की इच्छा होती है कि उसके परिवार वाले उन कार्यों को पूरा करें। 4. परिवार की शांति आत्मा अपने प्रियजनों को दुखी नहीं देखना चाहती। वह चाहती है कि परिवार शांति से जीवन जीए और उसके नाम पर अच्छे कार्य करे। यमलोक की यात्रा गरुड़ पुराण में वर्णन है कि मृत्यु के बाद आत्मा को यमदूत अपने साथ ले जाते हैं। यह यात्रा 13 दिनों तक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान किए गए कर्मकांड आत्मा की यात्रा को सरल बनाते हैं। यमलोक में आत्मा का सामना होता है *यमराज* से। यमराज आत्मा के कर्मों का लेखा-जोखा देखकर निर्णय देते हैं कि उसे स्वर्ग मिलेगा या नरक। श्राद्ध और पिंडदान का महत्व हिंदू परंपरा में श्राद्ध और पिंडदान का विशेष महत्व है। यह केवल एक रीति-रिवाज नहीं, बल्कि आत्मा की शांति का माध्यम है। माना जाता है कि पिंडदान से आत्मा को ऊर्जा मिलती है और वह अपनी यात्रा आगे बढ़ा पाती है। विशेष रूप से *गया* में पिंडदान का अत्यंत महत्व माना जाता है। आत्मा का रहस्य आत्मा अदृश्य है, लेकिन उसकी उपस्थिति का अनुभव किया जा सकता है। कई लोग मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों की उपस्थिति महसूस करते हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव भी हो सकता है और आध्यात्मिक अनुभव भी। आत्मा का रहस्य यह है कि वह चेतना है। जब तक कर्मों का बंधन है, आत्मा संसार में भटकती है। जब ज्ञान और भक्ति से कर्म समाप्त हो जाते हैं, तब आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाती है। स्वर्ग और नरक गरुड़ पुराण में स्वर्ग और नरक का विस्तृत वर्णन है। अच्छे कर्म करने वाली आत्मा स्वर्ग जाती है, जहाँ उसे सुख और शांति मिलती है। पापी आत्मा नरक में जाकर अपने कर्मों का फल भोगती है। लेकिन यह भी अंतिम नहीं है। कर्मों के अनुसार आत्मा पुनः जन्म लेती है। मोक्ष कैसे प्राप्त हो? 1. सत्य और धर्म का पालन 2. ईश्वर की भक्ति 3. दान-पुण्य 4. माता-पिता और गुरु की सेवा 5. अहिंसा और करुणा इन मार्गों से आत्मा धीरे-धीरे कर्मबंधन से मुक्त होती है। क्या आत्मा हमसे कुछ चाहती है? गरुड़ पुराण के अनुसार आत्मा अपने परिजनों से केवल यही चाहती है: उसे श्रद्धा से याद किया जाए उसके नाम पर अच्छे कार्य किए जाएँ परिवार में प्रेम बना रहे उसके लिए प्रार्थना की जाए आत्मा बदला या भय नहीं चाहती। वह शांति चाहती है। आधुनिक विज्ञान आत्मा को स्वीकार नहीं करता, लेकिन चेतना पर शोध जारी है। कई वैज्ञानिक मानते हैं कि ऊर्जा नष्ट नहीं होती, केवल रूप बदलती है। यह सिद्धांत आत्मा की अवधारणा से मिलता-जुलता है। मृत्यु के बाद आत्मा की सबसे बड़ी इच्छा होती है — शांति और मोक्ष। वह चाहती है कि उसके कर्मों का संतुलन हो, परिवार सुखी रहे, और वह परम सत्य में विलीन हो सके। अगर आप ऐसे ही आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक विषयों पर और वीडियो देखना चाहते हैं, तो चैनल को सब्सक्राइब करें, वीडियो को लाइक करें और कमेंट में "ॐ नमः शिवाय" अवश्य लिखें। #omveda100k #GarudPuran #atmakarahasya #Moksha #SpiritualKnowledge #hindudharma #Shorts #shortfeeds #trending #viral_video गरुड़ पुराण में वर्णित मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा का वर्णन करता यह वीडियो आपको बताएगा कि मृत्यु के बाद आत्मा का पहला अनुभव क्या होता है। क्या यमराज स्वयं आते हैं और आत्मा के सामने पहला सवाल क्या होता है? यह वीडियो "garud puran" और "life after death" के रहस्यों को "hindu mythology" के संदर्भ में "vishnu" के महत्व के साथ उजागर करता है, "soul after death" के बारे में गहन जानकारी प्रदान करता है।