У нас вы можете посмотреть бесплатно Bibi Fatima R/A ke Roze ka Dardbhara Waqia | Muhammad SAW Aur Bibi Fatima ki Iftari | Ramdan Special или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
Если кнопки скачивания не
загрузились
НАЖМИТЕ ЗДЕСЬ или обновите страницу
Если возникают проблемы со скачиванием видео, пожалуйста напишите в поддержку по адресу внизу
страницы.
Спасибо за использование сервиса ClipSaver.ru
Bibi Fatima R/A ke Roze ka Dardbhara Waqia | Muhammad SAW Aur Bibi Fatima ki Iftari | Ramdan Special तीन दिन की भूख… मगर दिल में सब्र, आँखों में शुक्र और ज़ुबान पर अल्लाह का नाम। यह कहानी है अली इब्न अबी तालिब और फ़ातिमा ज़हरा (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) की, जिन्होंने नज़र पूरी करने के लिए लगातार तीन रोज़े रखे। हर दिन जब इफ़्तार का वक़्त आता, कोई मिस्कीन, यतीम या क़ैदी दरवाज़े पर आ जाता… और ये मुक़द्दस घराना अपना सारा खाना अल्लाह की राह में दे देता। खुद पानी से रोज़ा खोलते, मगर शिकवा नहीं — सिर्फ़ शुक्र। उनकी इसी सच्ची नियत और बे-मिसाल कुर्बानी का ज़िक्र क़ुरआन की सूरह अल-इन्सान में हमेशा के लिए दर्ज कर दिया गया। यह सिर्फ़ एक वाक़िया नहीं, बल्कि हमें सिखाने वाला पैग़ाम है — कि असली इबादत सिर्फ़ रोज़ा रखना नहीं, बल्कि अपने हिस्से की खुशी भी अल्लाह की राह में क़ुर्बान कर देना है। अगर यह कहानी आपके दिल को छू जाए तो इसे शेयर ज़रूर करें — ताकि सब्र और सख़ावत का यह पैग़ाम हर दिल तक पहुँचे। 🌙✨