У нас вы можете посмотреть бесплатно जब समझ न आए क्या सही है और क्या गलत...गीता ग्यान | अध्याय -2 श्लोक 7-8 (Part 4) или скачать в максимальном доступном качестве, видео которое было загружено на ютуб. Для загрузки выберите вариант из формы ниже:
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जीवन के किसी न किसी मोड़ पर हम सब अर्जुन की तरह "Confused" महसूस करते हैं। जब हमें समझ नहीं आता कि हमारा धर्म (कर्तव्य) क्या है, तब भगवद्गीता का यह श्लोक हमें रास्ता दिखाता है। आज के इस वीडियो में, हम श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय के श्लोक 7 और 8 की गहराई को समझेंगे। यहाँ अर्जुन अपनी 'कायरता' को स्वीकार करते हैं और श्रीकृष्ण को अपना 'गुरु' मानकर उनसे सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करते हैं। [Key Takeaways from the Video] • शरणागति (Surrender): अहंकार छोड़कर मार्गदर्शन मांगना क्यों जरूरी है? • शोक का समाधान: दुनिया की सारी दौलत भी मन की शांति क्यों नहीं दे सकती? • निश्चित कल्याण: सही और गलत के बीच का फर्क कैसे पहचानें? अगर आप भी अपने जीवन में किसी दुविधा से गुजर रहे हैं, तो कमेंट्स में "जय श्री कृष्णा" जरूर लिखें और अपनी राय साझा करें। चैनल को Subscribe करना न भूलें ताकि आप सनातन ज्ञान से जुड़े रहें। @Gurukripaahikevalam #BhagavadGita #KrishnaUpdesh #MentalPeace #SpiritualAwakening #GitaGyan #SanatanDharma #Motivation #ArjunVishadYoga #Spirituality #KrishnaQuotes #lifelessonsinhindi #bhagavadgita #motivation #mahabharat #gurudevbhagwan #sanatandharma #spirituality #krishna #geetagyan #geetasaar